
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा बाबा साहब के विचार आज भी समाज को समानता, न्याय और अधिकारों के प्रति करते हैं जागरूक
अम्बेडकर जयंती समारोह आस्था, सामाजिक समरसता और बाबा साहब के विचारों के प्रति समर्पण का बना केंद्र
इंदौर
संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती आज इंदौर जिले के डॉ. अंबेडकर नगर (महू) स्थित उनकी जन्मस्थली स्मारक पर पूर्ण आस्था, श्रद्धा एवं भव्यता के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित विशाल समागम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विशेष रूप से शामिल हुए। समागम में प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर बाबा साहब को श्रद्धासुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया तथा देश और समाज के प्रति उनके योगदान को स्मरण किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर उनके जन्मस्थल डॉ अंबेडकर नगर महू में आयोजित कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा कि यह हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है कि हम ऐसे महापुरुष की जन्मभूमि को तीर्थ के रूप में मानकर उनकी जयंती मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर एक युगदृष्टा थे, जिन्होंने 20वीं शताब्दी में भारतीय समाज की कमजोरियों और असमानताओं को पहचानकर उन्हें दूर करने के लिए संघर्ष किया। उन्होंने समाज में समानता का भाव स्थापित करने के लिए जीवनभर लड़ाई लड़ी, ताकि समाज का सबसे अंतिम व्यक्ति भी सम्मानपूर्वक जीवन जी सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाबा साहब का संविधान निर्माण में योगदान अतुलनीय है। देश को एक मजबूत आधार प्रदान करने वाला हमारा संविधान ही सभी समस्याओं का समाधान है। उन्होंने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अंबेडकर जी बहुआयामी प्रतिभा के धनी थे, जिनके पास अनेक डिग्रियां थीं और वे कई भाषाओं के ज्ञाता थे।
महिला सशक्तिकरण पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिलाओं को संपत्ति में अधिकार, तलाक का अधिकार, गोद लेने का अधिकार और प्रसूति अवकाश जैसी सुविधाएं दिलाने में बाबा साहब की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने समान कार्य के लिए समान वेतन की अवधारणा को भी समाज में स्थापित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया जा रहा है, जो नारी सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने राज्य शासन द्वारा क्रियान्वित योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार द्वारा अंतरजातीय विवाह को प्रोत्साहित करने के लिए प्रत्येक जोड़े को 2 लाख रुपये की सहायता दी जा रही है तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के कल्याण के लिए बजट का एक बड़ा हिस्सा निर्धारित किया गया है। डॉ. यादव ने कहा कि बाबा साहब के विचार आज भी समाज को समानता, न्याय और अधिकारों के प्रति जागरूक करते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर की दृष्टि में सामाजिक न्याय पुस्तिका का विमोचन किया। उन्होंने कार्यक्रम में शिक्षाविद् तथा समाजसेवियों को भीम रत्न अवार्ड से सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान बुद्ध की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण किया।
विधायक सुश्री उषा ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहब अम्बेड़कर का जीवन समाज में आमूलचूल सकारात्मक परिवर्तन के लिए समर्पित था। उनके विचार आज भी समाज को दिशा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में मिलने वाला 33 प्रतिशत आरक्षण भी बाबा साहब के विचारों की ही देन है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री आलोक कुमार ने कहा कि बाबा साहब का जन्मदिन उनके आदर्शों को जीवन में आत्मसात करने के संकल्प लेने का अवसर है। उन्होंने बताया कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद शिक्षा और दृढ़ संकल्प से ऊंचाइयाँ हासिल कीं। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने अपनी योग्यता और विद्वत्ता के बल पर संविधान निर्माण में अहम भूमिका निभाई और ‘बंधुत्व’ का संदेश देकर समाज में समरसता और एकता को मजबूत किया।
जन्मस्थली स्मारक परिसर में पूरे दिन श्रद्धालुओं का आगमन निरंतर जारी रहा। शासन-प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं के चलते कार्यक्रम सुव्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। राज्य शासन द्वारा श्रद्धालुओं की मेहमानों की तरह आवभगत की गई। आवास, भोजन, पेयजल तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था के कारण बाहर से आए अनुयायियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। श्रद्धालुओं के लिए स्वर्ग मंदिर परिसर सहित विभिन्न स्थानों पर भोजन की उत्कृष्ट व्यवस्था की गई, जहां हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। साथ ही धर्मशालाओं, स्कूल भवनों एवं अस्थायी डोम में ठहरने की व्यापक व्यवस्था की गई थी।
कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु पूरे क्षेत्र को सात सेक्टरों में विभाजित कर अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। विभिन्न स्थानों पर बनाए गए कंट्रोल रूम से व्यवस्थाओं की सतत निगरानी की गई। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए चिकित्सकों की टीमें तैनात रहीं तथा आकस्मिक चिकित्सा केंद्र भी स्थापित किए गए। साफ-सफाई, पेयजल, सुरक्षा एवं अग्निशमन सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं मुस्तैदी के साथ संचालित की गईं, जिससे यह विशाल आयोजन शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
इस मौके पर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट,जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीना सतीश मालवीय, विधायक सुश्री उषा ठाकुर, श्री आलोक कुमार, भंते धम्मदीप महाथेरो, श्री श्रवण चावड़ा, श्री राजेश वानखेड़े, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, डीआईजी श्री मनोज सिंह, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीमती यांगचेन भूटिया भी मौजूद थे। कार्यक्रम के अंत में श्री राजेश वानखेड़े ने आभार व्यक्त किया।
