
इंदौर में 26-27 सितम्बर को रिंग रोड स्थित दस्तूर गार्डन पर होने वाले आयोजन की प्रचार सामग्री का लोकार्पण
इंदौर मप्र वैश्य महासम्मेलन द्वारा 30 वर्ष से अधिक आयु के करीब 25 वैश्य घटकों के विवाह योग्य युवक-युवतियों के अभा स्तर के परिचय सम्मेलन के लिए अब तक देश के 12 राज्यों से 1450 प्रविष्ठियां प्राप्त हो चुकी हैं। इनमें अग्रवाल, जैन, माहेश्वरी, खंडेलवाल, चित्तौड़ा महाजन, गहोई वैश्य, विजयवर्गीय, मेढ़तवाल, नागर नीमा, पोरवाल सहित वैश्य समाजों के उच्च शिक्षित, स्वयं के कारोबार में स्थापित और प्रोफेशनल एवं व्यवसायिक उद्यमों में शामिल प्रत्याशी भी हैं। शहर के रिंग रोड स्थित दस्तूर गार्डन पर 26-27 सितम्बर को हो रहे इस परिचय सम्मेलन के लिए वैश्य घटकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रविष्ठियां मिलने का क्रम अब तक जारी है। उम्मीद है कि करीब 3 हजार प्रत्याशी इस परिचय सम्मेलन में अपने लिए योग्य एवं श्रेष्ठ जीवनसाथी का चयन करेंगे।
मप्र वैश्य कल्याण ट्रस्ट के अध्यक्ष गिरीश अग्रवाल, वैश्य महासम्मेलन के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष, पूर्व गृहमंत्री उमाशंकर गुप्ता एवं प्रदेशाध्यक्ष सुधीर अग्रवाल तथा परिचय सम्मेलन आयोजन समिति के अध्यक्ष दिनेश मित्तल के मार्गदर्शन में पिछले 3 माह से लगातार शहर के वैश्य घटकों के पदाधिकारियों के साथ नियमित बैठकों का सिलसिला चल रहा है। समाज स्तर पर भी प्रत्येक समाज में इस सम्मेलन को लेकर तैयारियां जारी हैं। संगठन के महामंत्री अरविन्द बागड़ी, समन्वयक धीरज खंडेलवाल, नगर अध्यक्ष अशोक खंडेलवाल, संयोजक द्वय राजेश गर्ग एवं शिव जिन्दल ने बताया कि पिछले परिचय सम्मेलन के अनुभवों को देखते हुए इस बार विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए अनुभवी और सेवाभावी बंधुओं को जोड़कर समितियों का गठन किया जा रहा है। सम्मेलन में सभी प्रमुख वैश्य घटकों के राष्ट्रीय एवं प्रांतीय स्तर के पदाधिकारियों को आमंत्रित करने और वैश्य एकता की दिशा में विचार मंथन करने का भी प्रस्ताव है। वैश्य घटकों के बीच रोटी-बेटी के रिश्ते और अधिक मजबूती से विस्तारित करने पर भी इस दौरान विचार किया जाएगा।
परिचय सम्मेलन में आने वाले प्रत्याशियों की सचित्र और बहुरंगी परिचय पुस्तिका के प्रकाशन का काम भी शुरू हो चुका है जिसमें अब तक प्राप्त प्रविष्टियों के रंगीन चित्र सहित सम्पूर्ण विवरण प्रकाशित किए जा रहे हैं। परिचय सम्मेलन के मंच पर एक बड़ी एलईडी और सम्मेलन स्थल के अंतिम छोर पर भी एक मेगा स्क्रीन लगाई जाएगी ताकि दस्तूर गार्डन के हर हिस्से में बैठे पालकों एवं प्रत्याशियों को मंच पर चल रही परिचय प्रक्रिया आसानी से दिख सके। जो प्रत्याशी विदेशों में कार्यरत हैं, उनके परिचय के लिए वीडियो कांफ्रेंस की व्यवस्था भी की जाएगी। एक विशेष समिति का गठन और मिलन संर्पक कक्ष का निर्माण भी किया जाएगा ताकि सम्मेलन में आने वाले सभी प्रत्याशी या पालक आसानी से एकदूसरे से मिल सकें। इस समिति में प्रत्येक वैश्य घटक का एक जिम्मेदार प्रतिनिधि शामिल करने का प्रस्ताव भी है। अब तक जो 1450 प्रविष्ठियां प्राप्त हुई हैं, उनमें अधिकांश प्रत्याशी डॉक्टर्स, इंजीनियर, सीए, सीएस, एमसीए, एमबीए और अन्य उच्च शिक्षित श्रेणी के हैं जबकि स्वयं के कारोबार या उद्यम में स्थापित प्रत्याशियों की प्रविष्ठियां भी बड़ी संख्या में प्राप्त हुई है। इनमें लगभग 100 प्रविष्ठियां विधवा, विधुर, तलाकशुदा एवं परित्यक्त श्रेणी के प्रत्याशियों की भी आई है जिनके लिए परिचय सम्मेलन में विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सम्मेलन में शामिल होने के इच्छुक प्रत्याशी या पालक अपनी प्रविष्ठियां परिचय सम्मेलन के vaishyaparinay एप पर विशाल पोरवाल को भिजवा सकते हैं। क्यूआर कोड से लिंक पर भी प्रविष्ठी भरने के लिए सतीश गोयल से 94253-18281 पर सम्पर्क कर सकते हैं। इसके अलावा देश के करीब 200 प्रमुख शहरों में वैश्य समाजों के कार्यालयों अथवा उनके द्वारा स्थापित केन्द्रों पर भी प्रविष्ठी फॉर्म निशुल्क उपलब्ध हैं। परिचय सम्मेलन पूरी तरह निशुल्क है। परिचय सम्मेलन की प्रचार सामग्री का लोकार्पण गुरुवार को आयोजित आयोजन समिति की बैठक में किया गया जिसमें प्रमुख रूप से शक्तिनाथ गुप्ता, जगदीश छिरोलिया, अजय सोडानी, राखी विजयवर्गीय, भारती खंडेलवाल, संगीता विनायका एवं देवकीनन्दन सिंघानिया सहित प्रमुख वैश्य घटकों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
