देश में उद्यमिता, नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रेस्टीज इंस्पायर फाउंडेशन पर होगा कार्यक्रम
इंदौर, खड़गपुर स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के एंटरप्रेन्योरशिप सेल द्वारा संचालित एंटरप्रेन्योरशिप अवेयरनेस ड्राइव (ईएडी) और लोकल स्टार्टअप्स मीट (एलएसएम) द्वारा देश में उद्यमिता, नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से इंदौर में एलएसएम का आयोजन शनिवार 24 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक एआईसी – प्रेस्टीज इंस्पायर फाउंडेशन इंदौर पर रखा गया है।
खड़गपुर संस्थान द्वारा अब तक ईएडी के माध्यम से 15 से अधिक शहरों में 2 लाख से अधिक विद्यार्थियों तक उद्यमिता का सन्देश पहुँचाया जा चुका है। वहीं एलएसएम पहल के अंतर्गत 13 से अधिक बड़े शहरों में 1500 से अधिक स्टार्टअप्स और 110 से अधिक वेंचर कैपिटल फंड्स (वीसीएस) तक पहुँच बनाई गई है। इंदौर के स्टार्टअप्स को व्यापक उद्यमिता नेटवर्क से जुड़ने, व्यवसायिक अनुभवों से सीखने और अपने उद्यमों के विकास के लिए संभावित अवसर तलाशने का मंच प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है। इस पहल के तहत युवा उद्यमियों, स्टार्टअप संस्थापकों और उद्योग जगत के अनुभवी उद्यमियों के विकास हेतु संभावित अवसर तलाशने का मंच प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है।
इस आयोजन की विशेष बात यह भी है कि इसकी जिम्मेदारी खड़गपुर आईआईटी के दो छात्रों जीवेश महाजन और राजवीर पटेल को सौंपी गई है, जो विद्यार्थी नेतृत्व और उद्यमिता के प्रति उनकी दिलचस्पी एवं प्रतिबद्धता का प्रमाण माना जा रहा है। कार्यक्रम में प्रतिभागियों के लिए प्रवेश निशुल्क रहेगा और इच्छुक स्टार्टअप्स इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए क्यूआर कोड के माध्यम से अपना पंजीकरण कर सकते हैं। पंजीकरण के लिए गूगल फॉर्म का लिंक एवं क्यूआर कोड सलग्न उपलब्ध कराया जा रहा है। स्टार्टअप्स इस क्यूआर कोड को स्कैन कर पंजीकरण फॉर्म तक पहुंचकर इस प्रतिष्ठापूर्ण आयोजन में अपनी भागीदारी दर्ज करा सकते हैं। एंटरप्रेन्योरशिप सेल आईआईटी खड़गपुर का इको सिस्टम 300 से अधिक स्टार्टअप्स को इनक्यूबेट करने और लगभग दो दशकों से नवाचार एवं उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करने की विरासत पहले से संजोये हुए है। अब इंदौर में भी शनिवार को हो रहे इस लोकल स्टार्टअप्स मीट (एलएसएम) के माध्यम से नवउद्यमियों को एक प्रतिष्ठित संस्थान का मंच मिलने जा रहा है।
