कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को ईपीएस अधिकारी पूरन कुमार के परिवार से मुलाकात की है। इसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत की है। उन्होंने कहा है कि, वह एक सरकारी अधिकारी हैं और हरियाणा के सीएम ने इनको भरोसा दिलाया है किवो कार्रवाई करेंगे और निष्पक्षता के साथ जांच करेंगे। उन्होंने ये बात तीन दिन पहली कही थी और अब तक ये वादा पूरा नहीं हुआ है। इससे इनकी बेटियों पर भी बहुत ही प्रेशर आ रहा है। दलित समुदाय के हैं और ये बात बिल्कुल साफ है कि, 10 से 15 दिन नहीं बल्कि कई सालों से भेदभाव चला आ रहा है।
लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि, ‘दलित परिवार है। सालों से भेदभाव हो रहा है। इस अधिकारी का अपमान करने के लिए, हतोत्साहित करने के लिए, करियर को नुकसान पहुंचाने के लिए दूसरे अधिकारी काम कर रहे थे। ये सिर्फ एक परिवार का मामला नहीं है देश में करोड़ों दलित हैं। उनको गलत संदेश जा रहा है कि आप कितने भी सफल हो अगर आप दलित हो तो आपको दबाया जा सकता है, कुचला जा सकता है, फेंका जा सकता है। मेरा प्रधानमंत्री और हरियाणा के मुख्यमंत्री को संदेश है कि आपने इस परिवार को जो वादा किया है उसे पूरा करें। अधिकारियों पर कार्रवाई कीजिए और गिरफ्तारी कीजिए।
चंडीगढ़ पुलिस ने दिवंगत आईपीएस की पत्नी को नोटिस देते हुए लैपटॉप मांगा है। पुलिस का कहना है कि, ये लैपटॉप मामले की अहम जांच में सबूत की भूमिका निभा सकता है। पुलिस का ये भी कहना है कि, इस लैपटॉप को सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लैब भेजकर सुसाइड नोट की प्रमाणिकता की जांच की जाएगी !
