
इंदौर, 25 अक्टूबर। बिहार एवं उत्तर प्रदेश मूल के पूर्वांचल क्षेत्र के 300 परिवारों ने पूर्वांचल महासंघ की मेजबानी में शनिवार को “ नहाय-खाय” के साथ अपने छठ महोत्सव का शुभारंभ किया। महोत्सव के लिए अन्नपूर्णा स्थित तालाब पर कृत्रिम घाट का निर्माण भी किया जा रहा है। सोमवार को डूबते हुए सूरज को तथा मंगलवार को उगते हुए सूरज को इस कृत्रिम घाट पर पानी में खड़ी महिलाओं द्वारा अर्ध्य दिया जाएगा।
पूर्वांचल महासंघ अन्नपूर्णा क्षेत्र के अध्यक्ष सुधाकर दुबे ने बताया कि अन्नपूर्णा क्षेत्र में सूर्यदेव नगर, वैशाली नगर, देवेन्द्र नगर, गायत्री नगर, बृज विहार, गोपुर, सत्यदेव नगर, स्कीम 71 सहित क्षेत्र में करीब 300 परिवार पूर्वांचल से आकर निवास कर रहे हैं। इस सब परिवारों को जोड़कर महासंघ का गठन किया गया है, जिसकी मेजबानी में अन्नपूर्णा तालाब पर आज से छठ महोत्सव की शुरुआत “नहाय-खाय” के साथ हो गई है। अनेक परिवारों ने गन्ने का मंडप बनाकर छठ माता की पूजा अर्चना कर उनका आह्वान किया। इस पूजा में अनेक तरह के फलों का भोग समर्पित किया जाता है।
दुबे ने बताया कि आज इन सब परिवार के सदस्यों ने दाल-चावल एवं कद्दू की सब्जी का भोजन किया और कल अर्थात रविवार को गुड़ की खीर और सादी रोटी का भोजन होगा। रविवार ने सभी व्रतधारी महिलाऐं नमक का सेवन नहीं करेंगी। सोमवार की शाम को 5 बजे डूबते हुए सूरज को तथा मंगलवार की सुबह 6 बजे उगते हुए सूरज को पानी के कुंड में खड़ी सुहागन महिलाओं द्वारा अर्ध्य देकर अपने बेटे और पति की लंबी उम्र की कामना के साथ ही शहर और देश में सुख-शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की जाएगी। अनेक परिवारों ने आज से ही उपवास भी प्रारंभ कर दिया है। सोमवार और मंगलवार सहित महिलाऐं 3 दिन उपवास भी करेंगी।
