वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संतो के सानिध्य में महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित अतिथियों ने किया भूमि पूजन
इंदौर, 26 अक्टूबर। मालव माती के सपूत, माँ सरस्वती के वरद पुत्र और प्रदेश में 200 से अधिक गौशालाओं के संचालक संत कमलकिशोर नागर के सुपुत्र और प्रख्यात भागवत मर्मज्ञ संत प्रभुजी नागर लंबे अन्तराल के बाद शहर के प्रसिद्द अन्नपूर्णा मंदिर परिसर में 6 से 12 नवंबर तक भागवत ज्ञान गंगा प्रवाहित करेंगे। अन्नपूर्णा मंदिर आश्रम परिसर में रविवार को सुबह महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंदगिरि एवं स्वामी जयेंद्रानंद गिरि के सानिध्य में महापौर पुष्यमित्र भार्गव, पूर्व महापौर कृष्णमुरारी मोघे एवं पार्षद अभिषेक बबलू शर्मा ने प्रमुख संयोजक तथा दालमिल एसो. के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल के साथ आचार्य पंडित गिरिराज शुक्ल के निर्देशन में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कथा स्थल के लिए भूमि एवं ध्वजा पूजन किया।
अन्नपूर्णा आश्रम परिसर स्थित करीब 40 हजार वर्गफुट मैदान पर इस कथा के लिए भव्य पांडाल का निर्माण कार्य भी आज से प्रारंभ हो गया है। संत प्रभुजी नागर यहाँ 6 नवंबर से प्रतिदिन दोपहर 12 से 3 बजे तक भागवत कथा अमृत की वर्षा करेंगे। भूमि पूजन अवसर पर समाजसेवी रामबाबू अग्रवाल, दिनेश बंसल पंप, छावनी अनाज मंडी के संचालक गोपालदास अग्रवाल, अखंड परम धाम आश्रम प्रबंध समिति के राजेश अग्रवाल, काँटाफोड़ मंदिर के हेमन्त गर्ग, पार्षद भारत रघुवंशी, पूर्व पार्षद भारत पारख, राजेंद्र जायसवाल एवं शहर के अनेक गणमान्य नागरिक भी शामिल रहे। कथा की व्यापक तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू हो गई हैं। कथा के दौरान विभिन्न व्यवस्थाएं सँभालने हेतु समितियों के गठन का सिलसिला भी शुरु हो गया है।

