यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और यात्रियों के साथ शालीन और सदव्यवहार करने के दिए गए निर्देश
किसी भी तरह की घटना/दुर्घटना होने पर की जाएगी सख्त कार्रवाई
यात्री बस संचालन के संबंध में दिशा-निर्देश जारी

इंदौर,
कलेक्टर श्री शिवम वर्मा की अध्यक्षता में आज इंदौर में बस ऑपरेटरों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य यातायात को सुगम बनाना, यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और बस स्टाफ के आचरण में अनुशासन लाना था। बैठक में यात्रियों की सुरक्षा, उनके लिए सुविधाएं, यात्रियों के साथ शालीन और सदव्यवहार और यातायात की सुगमता के लिए बस संचालन के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए। कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि जारी दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाये। पालन नहीं करने पर सख्त कार्रवाई की जायेगी।
कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बस संचालन ऐसा हो जिससे किसी यात्री को असुविधा या परेशानी नहीं हो। यातायात नियमों का कड़ाई से पालन किया जाए, और किसी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में अपर कलेक्टर श्री रोशन राय, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्री प्रदीप शर्मा सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी और बस ऑपरेटर मौजूद थे।
उन्होंने बताया कि हाल ही में एक बस स्टाफ द्वारा की गई एक घटना को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने पुलिस कार्रवाई की है। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए यह बैठक बुलाई गई थी। बैठक में पुलिस, आरटीओ और जिला प्रशासन की टीमों के साथ सभी प्रमुख बस ऑपरेटर मौजूद रहे। कलेक्टर श्री वर्मा ने निर्देश दिए कि बसों में लाइटिंग, जीपीएस, आपातकालीन बटन, पीने के पानी जैसी सुरक्षा सुविधाएं अनिवार्य रूप से कार्यशील रहें। ड्राइवर, कंडक्टर और स्टाफ नशीले पदार्थों का सेवन न करें, यूनिफॉर्म में रहें और यात्रियों से शालीन व्यवहार करें। सभी वाहनों की नियमित फिटनेस और ड्राइविंग लाइसेंस जांच की जाए। बसों में किसी प्रकार की अनैतिक या असुरक्षित गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जाए। संचालक स्वयं अपनी बसों की सेफ्टी इक्विपमेंट्स की जांच करें और ज्वलनशील या जोखिमपूर्ण सामग्री के उपयोग पर प्रतिबंध रखें। श्री वर्मा ने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में निर्देश दिए गए कि यात्री बसों में समस्त प्रकार के सुरक्षा उपाय जैसे मानक स्तर के अग्निशमन यंत्र आदि बस के दोनों ओर आगे-पीछे अनिवार्य रूप से लगे हो । साथ ही निर्देश दिए गए कि बस ऑपरेटर यह सुनिश्चित करें कि बस में यात्रियों के साथ सदव्यवहार हो। किसी भी प्रकार की अभद्रता यात्रियों के साथ नहीं की जाए। बस में किसी भी प्रकार ज्वलनशील पदार्थ जैसे पेट्रोल, डीजल, केरोसीन, पटाखे एवं अन्य ज्वलनशील/विस्फोटक पदार्थों का परिवहन किसी भी स्थिति में नहीं किया जाये । बस में दो दरवाजे एवं आपातकालीन द्वार बिना किसी अवरोध के आसानी से खुलने योग्य होना चाहिये । वाहन के अग्र भाग पर बांयी ओर विंडस्क्रीन पर नियम 103 के पालन में दस्तावेज (वैध बीमा, फिटनेस, परमिट क्रमांक व वैधता एवं मार्ग) का विवरण लाल रंग के पेन्ट से लिखाना जरूरी होगा। वाहन में महिलाओं के लिए सीट नम्बर 11 से 16 तक तथा दिव्यांगों हेतु दरवाजे के पास की दो सीट अनिवार्य रूप से आरक्षित रखना होगी। वाहन में चालक के पीछे वाली प्रथम सीट को नवजात शिशु की माता के लिये आरक्षित किया जायेगा तथा उसे तीन ओर से पर्दे से आच्छादित करने की व्यवस्था सुनिश्चित करना होगी।
साथ ही अन्य सुरक्षा मापदण्ड जैसे स्पीड गवर्नर, VLTD (व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस), पैनिक बटन सुचारू रूप से कार्यरत होना चाहिये । बसों के टायर अच्छी स्थिति में होना चाहिये। टायर रिमोल्ड, घिसे पीटे अथवा कटे हुए नहीं होना चाहिये । वाहन में फर्स्ट एड बाक्स (मेडीकल किट) उपलब्ध होना चाहिये। जिसमें समस्त आवश्यक दवाईयां जिनकी अवसान तिथि समाप्त नहीं हो अनिवार्य रूप से रखा होना चाहिये । बस चालक द्वारा बस चालन के दौरान किसी भी प्रकार के नशे का सेवन नहीं करना चाहिये । बस के भीतर एवं बाहर वाहन स्वामी का मोबाईल नम्बर स्पष्ट रूप से अंकित किया जाए। यान का उपयोग विनिर्दिष्ट मार्ग एवं समयचक्र पर ही किया जाये। मार्ग पर किसी भी दशा में 15 वर्ष से अधिक पुरानी वाहन का संचालन न किया जाए। उपरोक्त निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए। पालन नहीं करने अथवा किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना/दुर्घटना घटित होने पर सम्पूर्ण जवाबदारी बस ऑपरेटरों की होगी। जांच अभियान में वाहनों में किसी भी प्रकार की कमी पाये जाने पर सख्त कार्यवाही की जायेगी।
