महिला एवं बाल विकास मंत्री ने वर्किंग वुमन हॉस्टल के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया नवनियुक्त 30 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए

झाबुआ
जिले में कामकाजी महिलाओं के सुरक्षित एवं आधुनिक आवास हेतु बहुप्रतीक्षित वर्किंग वुमन हॉस्टल के निर्माण कार्य का भूमिपूजन महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया के कर कमलों द्वारा विधिवत रूप से किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर नेहा मीना भी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि आज का दिन जिले के लिए अत्यंत शुभ और ऐतिहासिक है। कामकाजी महिलाओं के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त वर्किंग विमेन हॉस्टल का निर्माण केवल एक भवन नहीं, बल्कि जनजातीय अंचल की महिलाओं के लिए एक नए युग की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि बड़े शहरों में ऐसी सुविधाएँ उपलब्ध थीं, परंतु जनजातीय क्षेत्रों में इनकी लंबे समय से आवश्यकता थी। छात्राओं हेतु छात्रावास हैं, परंतु कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और सुविधाजनक आवास व्यवस्था की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी, जिसकी पूर्ति आज आरंभ हो रहे इस निर्माण से होगी।
मंत्री ने बताया कि जिले के समग्र विकास के प्रति राज्य सरकार संकल्पित है। यह हॉस्टल न केवल महिलाओं के सशक्तिकरण का प्रतीक बनेगा, बल्कि जिले की सामाजिक एवं आर्थिक प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक रूप से 50 सीटर क्षमता वाला यह हॉस्टल भविष्य में 100 सीटर तक विस्तारित किया जाएगा। दो मंजिला भवन में आधुनिक वन-सीटर एवं टू-सीटर कमरे, योगा रूम, लाइब्रेरी, बैडमिंटन कोर्ट, मेस सुविधा, ओपन जिम, चाइल्ड केयर रूम सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। 24 घंटे वार्डन की सुविधा सुरक्षा और अनुशासन दोनों सुनिश्चित करेगी।
साथ ही उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की पारदर्शी एवं ऑनलाइन भर्ती प्रक्रिया ने मध्यप्रदेश राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है। ऐसी नवाचारपूर्ण और पारदर्शी व्यवस्था अपनाकर प्रदेश ने सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिसकी सराहना हर स्तर पर हो रही है। इस अवसर पर कलेक्टर नेहा मीना ने कहा कि अब जिले में वर्किंग विमेन हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध होने जा रही है, जो पूर्व में केवल बड़े शहरों तक सीमित थी। यह हॉस्टल मंत्री महोदया के सतत प्रयासों का परिणाम है तथा जिले की कामकाजी महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि मेघनगर औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं को इससे सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही एमएसएमई क्लस्टर के गठन के उपरांत वहां कार्यरत महिलाओं को भी यह सुविधा उपलब्ध होगी। कलेक्टर ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा किए गए कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की नियुक्ति प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित है। जिला प्रशासन महिलाओं व बच्चियों के लिए सुरक्षित, सहयोगी और सशक्त वातावरण प्रदान करने हेतु निरंतर कार्य कर रहा है।
जिले की 10 वी-12 वी टॉप 10 छात्राओं को ₹5000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की
कार्यक्रम में जिले के शासकीय विद्यालयों में कक्षा 10वीं की टॉप 10 छात्राएँ तथा कक्षा 12वीं की टॉप 10 छात्राओं को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना अंतर्गत ₹5000-₹5000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।
नवनियुक्त 30 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए
इसके अतिरिक्त, मंत्री सुश्री भूरिया द्वारा परियोजना राणापुर, थांदला, रामा, झाबुआ एवं मेघनगर के नवनियुक्त 30 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।
स्वरोजगार योजना के हितग्राहियों को ऋण वितरित किए
मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया द्वारा मध्यप्रदेश आदिवासी वित्त एवं विकास निगम झाबुआ की संचालित योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को ऋण वितरित किए गए। भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना के तहत श्रीमती ममता भूरिया को होटल–ढाबा व्यवसाय हेतु सेंट्रल बैंक झाबुआ द्वारा ₹10 लाख का ऋण प्रदान किया गया। टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना के अंतर्गत श्रीमती रामतु भूरिया को किराना दुकान हेतु यूनियन बैंक झाबुआ द्वारा ₹1 लाख का ऋण तथा श्रीमती सोना बामनिया को टेलरिंग व्यवसाय हेतु बैंक ऑफ बड़ौदा झाबुआ द्वारा ₹1 लाख का ऋण स्वीकृत किया गया।
बाल विवाह के विरुद्ध जागरूकता अभियान के रथ को हरी झंडी एवं शपथ दिलाई
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजनांतर्गत बाल विवाह के विरुद्ध जागरूकता अभियान के तहत मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया द्वारा उपस्थित जनसमुदाय को शपथ दिलाई गई तथा बाल विवाह रोकथाम के संदेश प्रसार हेतु जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
इस दौरान अनुविभागीय अधिकारी राजस्व झाबुआ श्री भास्कर गाचले, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्री आर एस बघेल, सहायक संचालक श्रीमती वर्षा चौहान, सीडीपीओ, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं स्कूल की छात्राएं उपस्थित रही।
