होटल व्यवसायी विवेक त्रिपाठी की शिकायत पर जबलपुर सीबीआई टीम ने बुधवार को ग्वारीघाट स्थित सेंट्रल जीएसटी (CGST) कार्यालय में पदस्थ सुपरिंटेंडेंट मुकेश बर्मन और इंस्पेक्टर सचिन कांत खरे को 4 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। जैसे ही सीबीआई टीम ऑफिस पहुंची, पूरे परिसर में अफरा तफरी मच गई।

होटल व्यवसायी विवेक त्रिपाठी के होटलों में होने वाले लेन-देन समेत अन्य व्यवसायों की जांच दोनों अफसरों ने की सभी दस्तावेज और ट्रांजैक्शन होने के बावजूद त्रिपाठी पर एक करोड़ रुपए का टैक्स निकाल दिया। त्रिपाठी इसके बाद अफसरों ने मामले को निपटाने के एवज में 10 लाख रुपए रिश्वत की मांग की।बाद में सौदा चार लाख रुपए में तय हुआ। पूरे मामले की शिकायत त्रिपाठी ने सीबीआई एसपी से की।
दोनों अफसरों ने सीए हर्षित कुमार के माध्यम से रक़म लेने को कहा तथा हर्षित को रिश्वत की रकम लेकर गुरुवार को ग्वारीघाट रोड स्थित मॉल बुलाया। जैसे ही हर्षित ने रकम दी। वहां पहले से ही मौजूद सीबीआई की टीम ने उसे पकड़ लिया।
इसके बाद टीम ने सचिन से मुकेश को फोन लगवाया। मुकेश ने रकम ऑफिस लाने को कहा, तब टीम सचिन को लेकर आस्था नगर ऑफिस पहुंची और मुकेश को वंहा भी दबोच लिया। दोनों आरोपियों को कल कोर्ट में पेश किया जाएगा।
