आद्य गौड़ ब्राह्मण सेवा न्यास के आयोजन में पहुंचे 12 हजार से अधिक समाजबंधु एवं 3 हजार से अधिक प्रत्याशी, रक्तदान करने वालों का सम्मान

इंदौर ।
आद्य गौड़ ब्राह्मण सेवा न्यास द्वारा राजीव गाँधी चौराहा स्थित शुभकारज गार्डन परिसर में रविवार को आयोजित सर्व ब्राह्मण समाज के 24वें अ.भा. परिचय सम्मेलन में इस बार समाज बंधुओं, पालकों एवं प्रत्याशियों की मौजूदगी ने अब तक के सभी कीर्तिमान तोड़कर दिनभर चले परिचय के दौर में 100 से अधिक रिश्ते तय होने और 300 से अधिक रिश्तों पर दोनों पक्षों के बीच वार्ताओं का दौर शुरू होने की सूचनाएं मिली हैं। राज्य के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विधायक पं. रमेश मेंदोला, सांसद शंकर लालवानी, पं. गोलू शुक्ला, सुमित मिश्रा, पार्षद मनीष शर्मा एवं अम्बिका धाम के महामंडलेश्वर स्वामी राम गोपालदास सहित अनेक संत-विद्वानों ने भी परिचय सम्मेलन में पहुंचकर प्रत्याशियों एवं आयोजकों का उत्साहवर्धन किया। मंत्री विजयवर्गीय ने इस मौके पर कहा कि वे पिछले 21 वर्षों से लगातार आद्य गौड़ ब्राह्मण सेवा न्यास के इस परिचय सम्मेलन में आते रहे हैं और ब्राह्मणों का आशीर्वाद लेते रहे हैं। उपस्थित विप्र बंधुओं ने करतल ध्वनि से उनकी इस आत्मीयता का स्वागत किया। सम्मेलन में दिनभर में 12 हजार से अधिक समाज बंधु पहुंचे। अतिथियों ने न्यास से जुड़े उन 30 रक्तदाता युवाओं एवं मातृशक्ति का सम्मान भी किया जो लगातार जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्तदान जैसे पवित्र अनुष्ठान से जुड़े रहे हैं।
न्यास के परिचय सम्मेलन प्रकोष्ठ के संरक्षक पं. दिनेश शर्मा, सुरेश शर्मा “काका”, संयोजक पं. ओमप्रकाश शर्मा, आशीष शर्मा एवं भूपेन्द्र शर्मा ने बताया कि रविवार को सुबह भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण के साथ प्रारंभ हुए इस परिचय सम्मेलन में शाम सात बजे तक परिचय का मेराथन दौर चलता रहा। लगभग 1200 प्रत्याशियों ने मंच पर पहुंचकर बेबाक लहजे में अपनी बात रखी। किसी ने संस्कारी जीवनसाथी की अपेक्षा बताई तो किसी ने परिवार को साथ लेकर रिश्ते निभाने की। कुछ प्रत्याशियों ने बिना दहेज़ के विवाह करने का संकल्प भी व्यक्त किया। किसी को अपने समकक्ष नौकरी करने वाले जीवनसाथी की तलाश थी तो किसी ने अपने कारोबार को सँभालने वाले भागीदार की अपेक्षा बताई। कुछ प्रत्याशियों की ओर से पालकों ने भी मंच पर पहुंचकर बात रखी। मंच पर प्रत्यशियों को बैठाकर उनसे अनौपचारिक चर्चा करते हुए परिचय की व्यवस्था को सबने सराहा।
प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत अजय व्यास, राज किशोर शर्मा, देवीप्रसाद शर्मा, अंकित जोशी, प्रमोद जोशी, हेमंत शर्मा, महेश शर्मा, ओमप्रकाश शर्मा, विनय शर्मा, गौरव शर्मा, मनोज शर्मा, प्रद्युम्न दीक्षित, अमित नायक, चिन्मय शुक्ला, सुमन शर्मा, शीतल शर्मा, रूपाली शर्मा आदि ने किया। विभिन्न व्यवस्थाओं का जिम्मा सरस्वती शर्मा, साधना शर्मा, भारती शर्मा, पिंकी शर्मा, गीता व्यास, रश्मि शर्मा, दीपा शर्मा, यामिनी नायक, स्वाति शर्मा सहित मातृशक्ति प्रकोष्ठ की बहनों ने बखूबी संभाला। अंत में पं. दिनेश शर्मा ने आभार माना।
दोपहर बाद रिश्ते तय होने का सिलसिला शुरू हुआ और शाम ढलते-ढलते रिश्ते तय होने की संख्या 100 के पार जा पहुंची। सम्मेलन में 3 हजार से अधिक प्रत्याशियों की प्रविष्ठियां प्राप्त हुई थीं। परिचय स्थल पर मंच के अलावा भोजन शाला और परिसर में भी मेगा स्क्रीन लगाई गई थी, जहाँ परिचय का जीवंत प्रसारण पूरे समय चलता रहा। हाईटेक सुविधाओं के साथ कम्प्यूटर पर तत्काल पंजीयन, ज्योतिषी, पूछताछ, अमानती सामान, खोया-पाया, परिचय दर्पण पुस्तिका वितरण, आरओ पेयजल, सेल्फी पॉइंट सहित विभिन्न कार्यालय स्थापित किए गए थे। पहली बार मंच पर परिचय देने वाले प्रत्याशियों को 10 मिनट के लिए सम्पर्क कक्ष में भी भेजा गया ताकि इच्छुक पालक या प्रत्याशी उनसे वहां जाकर मुलाकात कर सकें। इस बार सम्मेलन की अनेक व्यवस्थाएं हाईटेक तकनीक से जुड़ी रही। भोजन शाला में प्रवेश की व्यवस्था भी क्यूआर कोड से रखी गई थी। अतिथियों ने बहुरंगी परिचय दर्पण पुस्तिका का लोकार्पण भी किया, जिसमें 3 हजार से अधिक प्रविष्टियों का सचित्र प्रकाशन किया गया है। तत्काल पंजीयन के रूप में भी करीब 300 प्रविष्टियाँ आई।
दिनभर में 1200 प्रत्याशियों ने 15-15 के समूहों में मंच पर आकर अपना परिचय भी दिया और भावी जीवनसाथी से अपनी अपेक्षाएं भी बताई। इस परिचय सम्मेलन में अधिकांश प्रत्याशी डॉक्टर्स, इंजीनियर, एमसीए, एमबीए और अन्य उच्च उपाधियों वाले प्रत्याशी थे, जो देश के लगभग सभी राज्यों से यहां आए थे। यूरोप, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया एवं अन्य देशों में उच्च पेकेज पर कार्यरत प्रत्याशियों ने भी इस सम्मेलन के लिए अपनी प्रविष्ठियां भेंजी थी। सम्मेलन स्थल पर सभी मेहमानों के लिए निशुल्क जलपान, स्वल्पाहार एवं चाय की व्यवस्था के साथ ही नाम मात्र शुल्क पर स्वादिष्ट भोजन और फलाहार की भी व्यवस्था रखी गई थी।
