किसी भी नाबालिक का विवाह सम्पन्न नहीं पाया गया
इंदौर
इंदौर जिले में कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन में प्रशासन की सक्रिय तत्परता एवं सतर्कता ने बाल विवाह जैसी कुरीतियों पर लगाम कसने का कड़ा संदेश दिया है। गत 28 दिसंबर 2025 को प्रातः 09 बजे बाल संरक्षण अधिकारी (जिला देवास) के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई। प्राप्त सूचना में बताया कि बुढी बरलई इंदौर में हरिकृष्ण मानव गो सेवा संस्थान देवास के तत्वाधान में 251 जोड़ों का सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन में 3 नाबालिग (2 बालक और 1 बालिका) भी सम्मिलित हैं।
परियोजना अधिकारी सांवेर जिला इंदौर श्री विक्रम सिंह चौहान ने बताया कि जिला कार्यक्रम अधिकारी से निर्देश मिलते ही पर्यवेक्षक श्रीमती सीमा जैन और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती सीमा तिवारी के साथ तत्काल घटना स्थल पर पहुँचे। जिला प्रशासन और महिला बाल विकास विभाग की जांच एवं तत्परता से सामूहिक विवाह सम्मेलन में कोई भी बाल विवाह नहीं पाया गया। मौके पर की गई सघन जांच में पाया गया कि उक्त तीनों नाबालिगों के आवेदन आयोजकों के पास आए थे, जिन्हें पात्रता न होने के कारण पूर्व में ही रिजेक्ट (निरस्त) कर दिया गया था। संस्था के आयोजकों ने प्रशासन को लिखित स्पष्टीकरण देते हुए बताया कि संस्था द्वारा केवल बालिगों की शादी और श्री भागवत कथा का आयोजन किया गया है। किसी भी नाबालिग का विवाह संपन्न नहीं कराया गया है।
