तीन फायरकर्मी घायल
इंदौर
शहर के देवास नाका क्षेत्र में मंगलवार दोपहर एक तीन मंजिला चॉकलेट फैक्ट्री में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी भयावह थी कि उसे बुझाते समय जर्जर हो चुकी बिल्डिंग अचानक धमाके के साथ जमींदोज हो गई। इस हादसे की चपेट में आने से फायर ब्रिगेड के एक एएसआई सहित तीन कर्मचारी घायल हो गए हैं। गनीमत यह रही कि पानी खत्म होने के कारण टीम बिल्डिंग से बाहर निकली ही थी कि इमारत गिर गई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। फायर ब्रिगेड को कल दोपहर करीब १२:५० बजे एमआर-११ के पास स्थित केमको चॉकलेट फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिली थी। गांधी हॉल, सांवेर रोड और लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन से दमकलें मौके पर भेजी गईं। एसआई सुशील दुबे की टीम जब इमारत के अंदर आग बुझा रही थी, तभी पानी खत्म होने पर वे रिफिलिंग के लिए बाहर आए। इसी दौरान तेज धमाका हुआ और पूरी बिल्डिंग ताश के पत्तों की तरह ढह गई। हादसे में एसआई सुशील दुबे, कर्मचारी रवि और अवधेश घायल हुए हैं। धुएं में दम घुटने के कारण कर्मचारी रवि को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह केबल सर्किट में शॉर्ट सर्किट होना बताया जा रहा है। फैक्ट्री के डायरेक्टर गिरीश वाधवानी और विजय जैसवानी बताए जा रहे हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जिस बिल्डिंग में फैक्ट्री संचालित थी, वह
पिछले कुछ समय से विवादित होने के कारण बंद पड़ी थी। आग ने कुछ ही पलों में विकराल रूप ले लिया और पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया। १० घंटे चली मशक्कत, मलबे से अब भी उठ रही चिंगारी लसूड़िया टीआई तारेश सोनी सहित अन्य वरिष्ठ
अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। दमकल की टीमों ने करीब १० घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रात १०:४५ बजे आग पर पूरी तरह काबू पाया। हालांकि, मलबे में दबी चिंगारियों के कारण आग फिर से भड़कने का खतरा बना हुआ है, जिसे देखते हुए एक दमकल को अभी भी मौके पर तैनात रखा गया है। पुलिस ने आगजनी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
