संदीप लोधी
इंदौरदुग्ध संघ में संकट: श्रमिकों का शोषण और एनडीटीवी की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल कर्मचारी ने काम बंद किया ।

इंदौर। मध्य प्रदेश के प्रमुख दुग्ध संघों में से एक, ‘इंदौर सहकारी दुग्ध संघ मर्यादित’ (सांची) तलावली चांदा इस समय विवादों के घेरे में है। वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे श्रमिकों ने प्रबंधन और वर्तमान में कार्यरत एनडीटीवी (राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड) की टीम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। श्रमिकों का कहना है कि संघ में श्रम नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
15-20 साल की सेवा, फिर भी भविष्य अंधकार में
संघ में कई ऐसे श्रमिक हैं जो पिछले 15 से 20 वर्षों से निरंतर कार्य कर रहे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि इतने लंबे समय के बावजूद उनकी नियुक्ति या संविदा (Contract) पर रखने हेतु कोई ठोस योजना नहीं बनाई गई है। हैरानी की बात यह है कि आईटीआई (ITI) और डिप्लोमा धारक योग्य श्रमिकों को भी उनकी योग्यता का कोई लाभ नहीं मिल रहा है।
ओवरटाइम और अवकाश के नियमों का उल्लंघन
श्रमिकों ने बताया कि राज्य और केंद्र शासन द्वारा निर्धारित ओवरटाइम की दरों को यहाँ पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है।
* ओवरटाइम का अभाव: अतिरिक्त कार्य के लिए न तो कोई प्रावधान है और न ही दरें निश्चित हैं।
* वेतन कटौती: साप्ताहिक अवकाश देने के नाम पर वेतन काट लिया जाता है।
* स्टाफ का नुकसान: ऑफिस स्टाफ को भी 30 दिन के बजाय केवल 26 दिन का वेतन दिया जा रहा है, जो नियमों के विरुद्ध है।
वेतन में देरी और श्रम मंत्रालय के निर्देशों की अवहेलना
श्रम मंत्रालय के स्पष्ट निर्देश हैं कि हर माह की 7 तारीख तक वेतन का भुगतान हो जाना चाहिए। लेकिन इंदौर दुग्ध संघ में वेतन 15 तारीख बीत जाने के बाद भी नहीं मिल रहा है। आर्थिक अनिश्चितता के कारण कर्मचारियों के परिवारों के सामने संकट खड़ा हो गया है।
* तनावपूर्ण माहौल: संघ में वर्तमान में डर और तनाव का माहौल है। चाहे स्थाई कर्मचारी हो या ठेका श्रमिक, सभी मानसिक दबाव में काम कर रहे हैं। हड़ताल में पूरी यूनिट्स के कर्मचारी शामिल हुए है। जिसमें ऑफिस के भी कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए , जिसमें नोनीहाल लुनिया सतीश चौहान नरेंद्र पटेल भूपेंद्र राजपूत शुभम विश्वकर्मा दुर्गेश पटेल ईशान शेख रविंद्र खेलियाशुभम शर्मा,कृष्णमुरारी शर्मा,रामनाथ,लक्ष्मण,जितेंद्र, रेवाराम,शुभम चौधरी,धर्मेंद्र,कैलाश,धनराज,राजेंद्र, कुरैशी,अनिल,अमित, मुख्य रूप से शामिल हुए ।
