भागीरथपुरा दूषित पानी त्रासदी पर हाईकोर्ट ने कल शाम आदेश जारी कर न्यायिक जांच हेतु हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज सुशील कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में न्यायिक आयोग का गठन कर दिया है । उन्हें चार सप्ताह में अपनी अंतरिम रिपोर्ट हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी। यह आदेश भागीरथपुरा मामले से संबंधित पांच जनहित याचिकाओं की सुनवाई के बाद कल देर शाम को जारी किया गया।
कोर्ट ने जिला प्रशासन, नगर निगम, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिए हैं कि वे आयोग को पूर्ण सहयोग प्रदान करें। साथ ही आयोग को सभी आवश्यक रिकार्ड, दस्तावेज और जानकारियां उपलब्ध कराई जाएं। शासन आयोग को कार्यालय, स्टाफ और आवागमन की सुविधाएं भी उपलब्ध कराएगा।
न्यायिक आयोग भागीरथपुरा क्षेत्र में उपलब्ध कराए जा रहे पानी की गुणवत्ता, पानी के दूषित होने के कारण, सीवरेज, लीकेज , दूषित पानी से हुई मौतों की वास्तविक संख्या के अलावा दूषित पानी कांड के बाद उपलब्ध मेडिकल सुविधा , स्वच्छ पानी उपलब्धता के साथ प्रथमदृष्टया दोषी अधिकारियों की पहचान और प्रभावित लोगों के मुआवजे के लिए गाइडलाइन तैयार करेगा।
