राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा नवीन मान्यता एवं मान्यता नवीनीकरण की प्रक्रिया में प्रावधान है की पांचवी एवं आठवीं की मान्यता में बीआरसी की अनुशंसा से डीपीसी द्वारा मान्यता प्रदान की जाती है नियमानुसार यदि किसी स्कूल की मान्यता में कोई कमी है तो डीपीसी कार्यालय द्वारा सूचना देकर कमी पूर्ति कराई जाती है यही प्रावधान हाई स्कूल एवं हाई सेकेंडरी मान्यता हेतु भी है किंतु डीपीसी द्वारा बीआरसी की अनुशंसा के उपरांत भी कमीपूर्ति का अवसर दिये बिना मान्यता रिजेक्ट की जा रही है जबकि मान्यता रद्द करने के पूर्व स्कूल संचालक को एक अवसर दिया जाना चाहिए ।

येसे ही एक मामले में महू के बीआरसी द्वारा मान्यता अनुशंसा उपरांत भी डीपीसी कार्यालय द्वारा कमी पूर्ति का अवसर दिए बिना पेनफील्ड इंटरनेशल स्कूल की मान्यता को रद्द कर दिया गया स्कूल संचालिका कीर्ति अग्रवाल का कहना है डीपीसी की टीम द्वारा अवकाश के दिन निरीक्षण किया गया जब स्टूडेंट और टीचर नहीं थे तथा विधालय विगत वर्षों से संचालित है एवं मान्यता नियम की पूर्ति करता है आपने एक्स पर पोस्ट कर शासन से नियम अनुसार मान्यता की गुहार की है ।
इस विषय में बीआरसी का कहना है मान्यता मापदंडों की पूर्ति के उपरांत ही मान्यता की अनुशंसा की जाती है अनुशंसा उपरांत डीपीसी कार्यालय की टीम द्वारा जांच की जाती है । इस विषय में डीपीसी संजय मिश्रा का कहना है कि प्रकिया नियमानुसार की जा रही है जिन स्कूल की मान्यता समाप्त की गई है वे कलेक्टर के समक्ष अपील प्रस्तुत कर सकते है । कमी पूर्ति के अवसर पर आपका कहना है की अवसर दिया गया है ।
कई स्कूल संचालकों की शिकायत है की पोर्टल में तकनीकी समस्या के चलते शिक्षकों का डेटा अपडेट नहीं हो सका है वन्ही कुछ स्कूल संचालकों ने जानकारी के अभाव में ग़ैर शैक्षणिक स्टाफ को भी पोर्टल पर अपडेट कर दिया है पोर्टल पर बीएड डीएड शिक्षक ही अपडेट होते है येसे में डीपीसी कार्यालय द्वारा फेक डेटा को आधार मानकर मान्यता रद्द की गई है वन्ही खेल मेदान को भी लेकर भी मान्यता रोकी जा रही है जबकि शासन के आदेश है की यदि स्कूल के नजदीक पार्क या खुली भूमि है तो उसे मान्य किया जाये । शहर में कई स्कूल येसे है जो वर्षों से संचालित है और मापदंडों की पूर्ति करते है तकनीकी समस्या एवं छोटी छोटी त्रुटि की वजह से मान्यता नहीं मिल पा रही है ।
