संस्था सेवा सुरभि द्वारा प्रवर्तित “झंडा ऊँचा रहे हमारा’ अभियान का समापन होगा

इंदौर ।
संस्था सेवा सुरभि द्वारा प्रवर्तित झंडा ऊँचा रहे हमारा अभियान का समापन शुकवार 30 जनवरी को सुबह 10 बजे रीगल चौराहा स्थित दुआ सभागृह में राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के निर्वाण दिवस पर “मोहन से महात्मा तक” शीर्षक भावपूर्ण आयोजन के साथ होगा।
संस्था के संयोजक ओमप्रकाश नरेडा, अनिल त्रिवेदी एवं कुमार सिद्धार्थ ने बताया शहर कि प्रख्यात लेखक, चित्रकार और रंगकर्मी सुश्री भारती दीक्षित इस कार्यक्रम में बापू की दास्तानगोई प्रस्तुत करेंगी जिसमें ’मोहन से महात्मा तक’ की संघर्षपूर्ण और प्रेरणादायी जीवन यात्रा को बहुत दिलचस्प अंदाज में संयोजा गया है। बापू के जीवनवृत्त को सुश्री दीक्षित के माध्यम से नए अंदाज में सुनना सुधि श्रोताओं के लिए नया अनुभव होगा। कार्यक्रम के सूत्रधार होंगे प्रसिद्ध रंगकर्मी संजय पटेल। कार्यक्रम आम श्रोताओं के लिए खुला है, लेकिन प्रवेश ‘पहले आएं-पहले पाएं’ के आधार पर ही संभव होगा। इस आयोजन के साथ ही संस्था सेवा सुरभि द्वारा जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम एवं विकास प्राधिकरण की सहभागिता में गत 15 जनवरी से संचालित झंडा ऊँचा रहे हमारा अभियान का समापन हो जाएगा।
भारती दीक्षित : एक परिचय
भारती दीक्षित एक प्रतिष्ठित क़िस्सागो और चित्रकार हैं, जिनका इतिहास, साहित्य,संस्कृति और प्रकृति से गहरा जुड़ाव है। वे कहानियों और अपनी कला के माध्यम से भारतीय संस्कृति, परंपरा, वीरता को जीवंत करने और प्रकृति से जुड़ने का काम कर रही हैं। भारती के लिए क़िस्सागोई और चित्रकला दोनों ही माध्यम उन्हें अपनी जड़ों,प्रकृति और देश के इतिहास के क़रीब लाते हैं। भारती दीक्षित “सुनें…कहानी भारत की” श्रृंखला के तहत भारत के वीरों, वीरांगनाओं, ऐतिहासिक घटनाओं, महत्वपूर्ण पलों और महान व्यक्तित्वों की कहानियां प्रस्तुत करती हैं।
अब तक वें दास्तान-ए-शंकर आदि शंकराचार्य की जीवन गाथा, गाथा भगतसिंह के बलिदान की, गाथा पन्नाधाय के बलिदान की, लक्ष्मीबाई के शौर्य की गाथा, दास्तान-ए-अहिल्याबाई, रानी दुर्गावती की गाथा, रूपमती और बाज़बहादुर की प्रेम गाथा-मांडू में प्रेम, इंदौर की गाथा, गाथा जीवंत प्रदेश मध्यप्रदेश की, दास्तान-ए-कबीर, गाथा सिया राम की, गाथा चंदेरी के जौहर की, गाथा दीन दयाल उपाध्याय, हिंदी की कहानी, गाथा बाबा फतेहसिंह बाबा जोरावर की, गाथा वीर सैनिकों की, दास्तान ए अमृता शेरगिल (अमृता के चित्रों और रंगों की गाथा), गाथा मीरा के प्रेम की सहित दास्तानगो के रूप में अब तक वें 70 से अधिक प्रस्तुतियाँ दे चुकी हैं। इसक्ले साथ ही चित्रकार के रूप में भी वे 7 एकल और 50 से अधिक समूह प्रदर्शनियां आयोजित कर चुकी हैं।
