सम्भागायुक्त डॉ. खाड़े का झाबुआ में दो दिवसीय प्रवास
प्राकृतिक खेती में प्रयुक्त होने वाले जैविक कीटनाशकों की बनाने की प्रक्रिया जानी
विमल भाबोर 125 से अधिक किसानों में जगा चुके है प्राकृतिक खेती का अलख
हाथीपावा पहाड़ी पर पौधरोपण कर नगरवन के विकास कार्यों का भी किया निरीक्षण

इंदौर सम्भागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े दो दिनों के प्रवास पर झाबुआ जिले के निरीक्षण पर है। गुरुवार को दूसरे दिन वे विभिन्न कार्यों का निरीक्षण करते हुए प्राकृतिक खेती में जुटे किसान और जैविक उत्पादों के निर्माण कार्यों में जुटी महिलाओं से उनके हुनर के बारे में करीब से जाना। यहां ग्राम खेड़ी में किसान श्री विमल भाबोर द्वारा राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (NMNF) के तहत प्राकृतिक खेती का कार्य किया जा रहा है। सम्भागायुक्त डॉ. खाड़े ने किसान के खेत में बने उनकी प्राकृतिक प्रयोग शाला का भी अवलोकन किया। इस दौरान एनआरएलएम समूह से जुड़ी महिलाओं का सम्भागायुक्त डॉ. खाड़े ने प्राकृतिक खेती के कीटनाशकों व उर्वरकों के कार्य में जुटी महिलाओं का अभिवादन दोनों हाथ जोड़ते हुए उनके इस कार्य की सराहना की। निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त एवं कलेक्टर नेहा मीणा द्वारा किसान से प्राकृतिक खेती में उपयोग होने वाले विभिन्न आदानों के निर्माण की विधियों, उनकी प्रक्रिया एवं फसलों में उपयोग को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। कृषक श्री भाबोर द्वारा अपने खेत पर निर्मित जीवामृत, नीमास्त्र एवं ब्रह्मास्त्र जैसे प्राकृतिक आदानों का जीवंत प्रदर्शन किया गया। उन्होंने बताया कि इन आदानों के नियमित उपयोग से फसल उत्पादन में वृद्धि होने के साथ-साथ भूमि की उर्वरता एवं जीवांश कार्बन में सुधार हुआ है। संभागायुक्त एवं कलेक्टर द्वारा खेत में केंचुओं से तैयार की जा रही खाद का भी अवलोकन किया गया। इसके अतिरिक्त प्राकृतिक विधि से उगाई जा रही अमरूद, पपीता, गेहूं तथा विभिन्न सब्जी फसलों का भी निरीक्षण किया गया।
राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत किसान ने 125 से अधिक किसानों को समझाया प्राकृतिक खेती का पाठ
एनएमएनएफ मिशन का उद्देश्य सुरक्षित एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना, किसानों की खेती लागत को कम करना तथा बाहरी संसाधनों पर निर्भरता घटाकर प्राकृतिक खेती कार्य प्रणालियों को बढ़ावा देना है। मिशन अंतर्गत प्राकृतिक खेती करने वाले कृषकों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर खेती का विधिवत प्रमाणीकरण भी किया जाता है। कृषक श्री विमल भाबोर ने अवगत कराया कि वे जनजातीय समाज में प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूकता लाने हेतु निरंतर प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब तक वे अपने आसपास के 125 से अधिक कृषकों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित कर चुके हैं तथा उनका लक्ष्य ग्राम खेड़ी को पूर्णतः रासायनिक खाद मुक्त गांव के रूप में विकसित करना है।
निरीक्षण के दौरान श्री विमल भाबोर से प्रेरित अन्य कृषकों ने भी संभागायुक्त से संवाद किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने भी छोटे स्तर पर प्राकृतिक खेती प्रारंभ की है। ग्राम की कृषक मंजू बहन ने बताया कि वे अपने खेत के एक हिस्से में प्राकृतिक खेती कर रही हैं, जिसके लिए आवश्यक जीवामृत, नीमास्त्र एवं ब्रह्मास्त्र उन्हें श्री विमल भाबोर से प्राप्त होता है। वहीं गुंदीपाड़ा के एक कृषक ने जानकारी दी कि उन्होंने प्राकृतिक खेती पद्धति के माध्यम से 100 चीकू के पौधे रोपित किए हैं।
कृषक श्री विमल भाबोर ने यह भी बताया कि कृषि विभाग एवं आत्मा योजना के अंतर्गत आयोजित एक्सपोजर विजिट के माध्यम से उन्होंने हालोल (गुजरात) स्थित नेचुरल फार्मिंग यूनिवर्सिटी से प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि कलेक्टर नेहा मीना के सहयोग से साप्ताहिक हाट में उनके द्वारा उत्पादित जैविक उत्पादों की बिक्री की जा रही है, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि उन्होंने एक नर्सरी भी विकसित की है, जिसमें वे स्वयं पौधे तैयार करते है।
निरीक्षण के उपरांत संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने प्राकृतिक खेती के कार्यों से गहरी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने, जल संरक्षण तथा पर्यावरण संतुलन को सुदृढ़ करने का एक सशक्त एवं टिकाऊ माध्यम है। उन्होंने कृषक श्री विमल भाबोर द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों में इस प्रकार की वैज्ञानिक एवं व्यवहारिक प्राकृतिक खेती अपनाना अत्यंत प्रशंसनीय है। संभागायुक्त ने कहा कि श्री भाबोर जैसे प्रगतिशील कृषक अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत हैं और उनके अनुभवों एवं कार्यप्रणालियों को व्यापक स्तर पर साझा कर अधिक से अधिक किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर प्रेरित किया जाना चाहिए।
वहीं कलेक्टर नेहा मीना ने कहा कि जिला प्रशासन प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन एवं विपणन से जोड़ने हेतु निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती करने वाले कृषकों को योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने तथा उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन हर संभव सहयोग प्रदान करेगा।
सम्भागायुक्त ने हाथीपावा पहाड़ी पर पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
सम्भागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने झाबुआ प्रवास के दौरान हाथीपावा पहाड़ी क्षेत्र का भ्रमण किया। इस अवसर पर संभागायुक्त डॉ. खाड़े एवं कलेक्टर नेहा मीना द्वारा पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। पौधारोपण उपरांत संभागायुक्त ने नगर वन योजना के अंतर्गत संचालित विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण भी किया। संभागायुक्त ने नगर वन के अंतर्गत विकसित किए जा रहे नेचुरल ट्रेल को सराहनीय पहल बताते हुए कहा कि यह क्षेत्र भविष्य में आम नागरिकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। उन्होंने निर्देश दिए कि विकास कार्यों की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए तथा प्राकृतिक स्वरूप से किसी प्रकार का समझौता न हो। इसके साथ ही सम्भागायुक्त डॉ. खाड़े ने किड्स पार्क के संबंध में कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु खेलकूद की पर्याप्त एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उन्होंने किड्स पार्क में क्रिकेट टर्फ निर्मित करने का सुझाव देते हुए कहा कि इससे बच्चों को खेल के प्रति रुचि विकसित करने और अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिलेगा।
इस दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री जितेन्द्रसिंह चौहान, अपर कलेक्टर श्री सी एस सोलंकी, सहायक कलेक्टर श्री आशीष कुमार, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व झाबुआ श्री भास्कर गाचले, उप संचालक कृषि श्री एन एस रावत, वनमण्डलाधिकारी श्री भारत सोलंकी, परियोजना संचालक आत्मा श्री जी एस त्रिवेदी, सहायक संचालक उद्यानिकी श्री बहादुर सिंह चौहान एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
