गाँधी हॉल पर मनी मेला-09 देखने उमड़ा दर्शकों का सैलाब, शहर में स्थायी
मुद्रा संग्रहालय की स्थापना के लिए सांसद शंकर लालवानी करेंगे पहल
रविवार को समापन दिवस पर पहुंचे 40 हजार से अधिक लोग – तीन दिनों में प्राचीन मुद्राओं की हुई लाखों की खरीदी बिक्री

इंदौर
गांधी हॉल पर गत शुक्रवार से चल रहे मनी मेला-09 में रविवार को दर्शकों की मौजूदगी ने सारे कीर्तिमान ध्वस्त कर दिए। सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक लगातार दर्शकों का सैलाब बना रहा। कोई 40 हजार लोगों ने दिनभर इस मनी मेला में आकर देश और दुनिया की अनेक दुर्लभ मुद्राओं, डाक टिकटों, स्मारक, आवरण सहित अनेक वस्तुओं का नजदीक से अवलोकन भी किया और उनके अतीत से लेकर वर्तमान तक की दिलचस्प जानकारियां भी प्राप्त की। सांसद शंकर लालवानी ने भी अतिथि के रूप में मेला स्थल पहुंचकर मुद्रा जगत के इतिहास को समझने का प्रयास भी किया और इंदौर मुद्रा शोध न्यास की मांग पर शहर में स्थायी मुद्रा संग्रहालय की स्थापना के लिए हरसंभव प्रयास करने का वादा भी किया। न्यास के प्रमुख गिरीश शर्मा आदित्य ने इस मौके पर अपना जीवनभर का मुद्रा संग्रह उक्त प्रस्तावित संग्रहालय को दान देने का संकल्प दोहराया।
सांसद शंकर लालवानी ने इस अवसर पर दर्शकों की जबरदस्त मौजूदगी को देखते हुए कहा कि इतने बड़े और महत्वपूर्ण आयोजन के लिए यह स्थान काफी छोटा महसूस हो रहा है। इसके लिए भविष्य में किसी बड़े स्थान पर मुद्रा महोत्सव या मनी मेला आयोजित करने का सुझाव देते हुए उन्होंने शहर में स्थायी मुद्रा संग्रहालय की स्थापना की मांग का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा कि शहर में किसी उपयुक्त स्थान पर स्थायी मुद्रा संग्रहालय के लिए वे केंद्र एवं राज्य सरकार के स्तर पर हरसंभव प्रयास जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि मुद्रा संग्रहालय ऐसे स्थान पर बनाना चाहिए जहाँ पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था हो और जो शहर के लोगों की पहुँच में आता हो। लालवानी ने भार्गव ऑक्शन के विराज भार्गव, मेजर महेश गुप्ता, मुन्ना भार्गव, रवीन्द्र नारायण पहलवान, आलोक खादीवाला, उमेश नीमा आदि के साथ मनी मेला में आए देशभर के मुद्रा संग्राहकों से बातचीत भी की और पूरी दिलचस्पी के साथ दुर्लभ मुद्राओं के संग्रह का अवलोकन भी किया। उन्होंने पिछले 8 मुद्रा महोत्सव में लगातार इंदौर आने वाले संग्राहकों और मुद्रा प्रेमियों का सम्मान भी किया। प्रख्यात डिजिटल क्रिएटर एवं द करंसी पीडिया सोशल मीडिया प्लेटफार्म के राज ज्ञानी ने आज भी मेले में पहुंचकर ग्राहकों और दर्शकों को अनेक दिलचस्प जानकारियां दी और भ्रामक तथा लुभावने प्रस्तावों से बचकर रहने की सलाह भी दी।
प्रदर्शनी में उमड़ा दर्शकों का सैलाब – शुक्रवार से चल रहे मनी मेला में सुबह 11 बजे से ही दर्शकों का समूह उमड़ने लगा था। स्कूली बच्चों के अलावा सराफा एवं अन्य व्यापारिक क्षेत्रों के कारोबारी बंधु एवं शहर के विशिष्टजनों ने भी मनी मेला में आकर देश-विदेश की दुर्लभ वस्तुओं को जी भरकर निहारा। सभी वस्तुओं के साथ उनके नाम, इतिहास एवं अन्य जानकारी भी दर्ज की गई होने से दर्शकों को उनके बारे में पूरी जानकारी प्राप्त होती रही। शाम को तो मनी मेला में जबरदस्त भीड़ को देखते हुए मेले के समापन की अवधि 7 बजे से बढाकर 9 बजे तक करना पड़ी क्योंकि अनेक दर्शक बिना प्रदर्शनी देखे वापस जाने को तैयार नहीं थे। मेला प्रभारी विराज भार्गव ने बताया कि इस मेले में देशभर से आए संग्राहकों ने अपने पास रखी मुद्राएँ और अन्य दुर्लभ वस्तुएं खरीदने बेचने का भरपूर कारोबार तो किया लेकिन पिछले तीन दिनों में किए गए व्यापार का कोई निश्चित आंकड़ा बताया संभव नहीं है। फिर भी इंदौर के इस मनी मेला में लाखों रुपए का कारोबार होने का अनुमान है।
