सम्भागायुक्त ने शीघ्रता से आवश्यक व्यवस्थाएं जुटाने के लिए किए आदेश
परिजनों की सहमति से हार्ट, लिवर, किडनी सहित कई अंगों के दान की प्रक्रिया शुरू
इंदौर
इंदौर में अंगदान के क्षेत्र में सतत एवं संगठित प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। राज्य शासन की मंशा एवं स्वास्थ्य विभाग के समन्वित मार्गदर्शन में चिकित्सा संस्थानों द्वारा अंगदान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में आज पुनः एक और अंगदान की प्रक्रिया संपन्न की जा रही है, जो न केवल मानवता की उत्कृष्ट मिसाल है बल्कि गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए जीवनदान का माध्यम भी बनेगी। सम्भागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने अंगदान की प्रक्रिया के लिये जल्द से जल्द सभी समुचित आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए संबंधितों को आदेश दिए हैं।
एमजीएम मेडिकल कॉलेज इंदौर के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने बताया कि गौशिंदे कॉलोनी, खंडवा रोड, खरगोन निवासी श्री विजय जायसवाल (आयु 49 वर्ष) को 15 फरवरी 2026 को गंभीर सिर की चोट, बाइलेटरल SAH, बाइलेटरल SDH तथा डिफ्यूज़ सेरेब्रल एडिमा की स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
चिकित्सकों की चार सदस्यीय टीम द्वारा THOA नियम, 2014 के तहत 17 फरवरी 2026 को दोपहर 02:23 बजे उनकी पहली ब्रेन स्टेम डेथ घोषित की गई। इसके बाद 18 फरवरी 2026 को सुबह 11:01 बजे उसी टीम द्वारा एपनिया टेस्ट सहित दूसरी कन्फर्मेटरी मेडिकल जांच की गई, जिसमें यह पुष्टि हुई कि मरीज ब्रेन स्टेम डेड है।
मृतक की पत्नी श्रीमती आराधना जायसवाल को स्थिति से अवगत कराया गया, जिसके बाद उन्होंने हार्ट, लिवर, दोनों किडनी, पैंक्रियास, लंग्स, इंटेस्टाइन और हार्ट वॉल्व दान करने की सहमति प्रदान की। परिजनों की सहमति के आधार पर चिकित्सकों की टीम द्वारा अंगदान एवं प्रत्यारोपण की प्रक्रिया शुरू की गई तथा ROTTO (Regional Organ and Tissue Transplant Organization) मुंबई और NOTTO (National Organ and Tissue Transplant Organization) नई दिल्ली को सूचना दी गई।
अंगों की हार्वेस्टिंग विशेष जुपिटर हॉस्पिटल इंदौर में की जाएगी। इंदौर में लिवर एवं किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा उपलब्ध है। एक किडनी और लिवर का उपयोग विशेष जुपिटर हॉस्पिटल इंदौर में किया जाएगा, जबकि दूसरी किडनी चोइथराम अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र इंदौर में प्रत्यारोपित की जाएगी।
SOTTO (State Organ and Tissue Transplant Organization) मध्यप्रदेश में हृदय और फेफड़ों के लिए उपयुक्त प्राप्तकर्ता उपलब्ध नहीं होने तथा अग्न्याशय, आंत और हृदय वाल्व प्रत्यारोपण की सुविधा न होने के कारण इन अंगों के आवंटन हेतु अलर्ट ROTTO मुंबई एवं NOTTO नई दिल्ली को भेजा गया। हृदय को ROTTO मुंबई द्वारा मारेंगो CIMS अस्पताल, अहमदाबाद को आवंटित किया गया है।
अंगों की रिट्रीवल की प्रक्रिया 18 फरवरी 2026 की शाम 07 बजे से 09 बजे के बीच निर्धारित की गई है।
एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन की सिफारिश और डोनर की पत्नी की सहमति के आधार पर सम्भागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने ऑर्गन रिट्रीवल, उसके ट्रांसपोर्टेशन और ट्रांसप्लांटेशन के लिए जल्द से जल्द सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों एवं चिकित्सकों को दिए हैं।
संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने इस निर्णय के लिए परिजनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अंगदान से कई जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिल सकेगा।
