इंदौर
थैलेसेमिया एक अनुवांशिक रक्त विकार है, जो माता-पिता से बच्चों में आता है। इस रोग में शरीर में हीमोग्लोबिन कम बनता है, जिसके कारण उसका स्तर सामान्य से कम हो जाता है। इसी वजह से थैलेसेमिया से ग्रसित मरीजों को बार-बार रक्त चढ़ाने की आवश्यकता पड़ती है। औषधियों एवं रक्त आधान के माध्यम से इसकी गंभीरता को कम किया जा सकता है, लेकिन बोन मैरो ट्रांसप्लांट (BMT) ही इसका स्थायी उपचार है।
मध्य प्रदेश में थैलेसेमिया से ग्रसित मरीजों को शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में निःशुल्क औषधियाँ एवं उपचार प्रदान किया जा रहा है तथा सभी ब्लड सेंटर्स से निःशुल्क रक्ताधान की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा प्रदेश के थैलेसीमिया के मरीजों को बोन मैरो ट्रांसप्लांट की निःशुल्क सेवाएं प्रदाय करने के उद्देश्य से “थैलेसेमिया बाल सेवा योजना” (TBSY) के अंतर्गत मेदांता फाउंडेशन, नई दिल्ली के साथ एम.ओ.यू. (MoU) संपादित किया जाकर पात्र मरीजों को निःशुल्क HLA टाइपिंग जांच एवं चिन्हित तथा मैच मरीजों को निःशुल्क बोन मेरो ट्रांसप्लांट सुविधा मेदांता अस्पताल, गुरुग्राम में उपलब्ध कराई जाएगी।
जिसके प्रथम चरण में पात्र थैलेसिमिया मरीजों का चयन कर HLA टाइपिंग जांच शिविर का आयोजन 24 फरवरी 2026 को एम.जी.एम. मेडिकल कॉलेज इंदौर में प्रातः 09 बजे से शाम 06 बजे तक किया जा रहा है। पात्र हितग्राहियों को थैलेसेमिया का चिन्हित मरीज हो, आवश्यक है, उसकी उम्र 12 साल तक होनी चाहिए, परिवार की आय आठ लाख से कम होना चाहिए।
शिविर में मरीज के साय बायोलॉजिकल सिबलिंग (सगे भाई-बहन) आना आवश्यक है। इसके साथ ही मरीज का आधार कार्ड, डोनर एवं माता-पिता का आधार कार्ड, मोबाईल नं., उपचार का पूर्ण रिकार्ड साथ लेकर आयें।
