निगम दरोगा ने जनसुनवाई में माँगी इच्छा मृत्यु
राजनैतिक लड़ाई में अपनी जीविका और सामाजिक वजूद खोने के बाद मंगलवार को कलेक्टर जनसुनवाई में निगम दरोगा यतींद्र यादव ने खुद को मानसिक रूप से प्रताड़ित बताते हुए ‘इच्छा मृत्यु’ की अनुमति देने की मांग की है । यतीन्द्र ने अपने पत्र में लिखा है कि उसे गंदी गालियां देकर ऑडियो वायरल किया गया, नौकरी छिन गई, समाज में बदनामी हुई, अब जीने का कोई सहारा नहीं बचा। उसका कहना है कि वह पिछले 15 वर्षों से नगर निगम में नियमित रूप से ईमानदारी से काम कर रहे था । उनके मुताबिक सेवा अवधि में कभी कोई प्रतिकूल टिप्पणी या आपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं हुआ। उसके बाद भी उसकी नौकरी छीन ली गई और जिस कारण से नौकरी गई वंहा भी कर्तव्य का निर्वाहन किया गया था ।
विगत दिसंबर 2024 को नगर निगम के आदेश पर नगर निगम दरोगा यतिन यादव खातीवाला टैंक क्षेत्र में एक निर्माणाधीन मकान पर निगम का नोटिस तामील नहीं होने पर चस्पा कर आया था यतीन्द्र का कहना है की जिसे लेकर बाद में स्थानीय पार्षद कमलेश कालरा ने फोन पर नोटिस वापस ले जाने का दबाव बनाया और जब उन्होंने मना किया तो उन्हें कथित रूप से मां-बहन की गालियां दी गईं। इतना ही नहीं, बातचीत का ऑडियो वायरल कर दिया गया, जिससे पूरे शहर में उनकी छवि खराब ख़राब हुई है जिससे उसके परिवार का जीवन दूभर हो गया है यतीन्द्र का कहना है कि बाद में उन्हें नौकरी से हटा दिया गया, जिसके बाद से परिवार आर्थिक और सामाजिक रूप से संकट से गुजर रहा है।
यतीन्द्र को उसकी ईमानदारी भारी पड रही पिछले एक साल से उसका पूरा परिवार सदमे में है। आज वह इस स्थिति में सिर्फ और सिर्फ राजनैतिक वजूद की लड़ाई से पंहुचा है और सिस्टम की नाकामी ही कही जाएगी की एक परिवार पूरी तरह बिखर गया ईमानदारी से काम करने की सजा बेरोजगारी और बदनामी कैसे हो सकती है ? यतीन्द्र ने जिलाधीश महोदय से गुहार लगाई है की वो आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठाना चाहता इसलिए कानून के तहत इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाई ।
