
इंदौर
कलेक्टर शिवम वर्मा की पहल पर सामाजिक न्याय विभाग द्वारा नेशनल ट्रस्ट ऑफ इंडिया की लोकल लेवल कमेटी एवं सिन्ड्रोम फेडरेशन ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में, इंदौर एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के विषय विशेषज्ञ चिकित्सकों के सहयोग से डाउन सिंड्रोम से ग्रसित बच्चों हेतु हेल्थ कैम्प, पालकगणों से चर्चा तथा समस्या/निदान संबंधी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन जिला दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र (डीडीआरसी), परदेशीपुरा, इंदौर में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ संयुक्त संचालक सामाजिक न्याय श्री पवन चौहान, डॉ. शिल्पा भालेराव, डॉ. अनुराधा जैन, डॉ. संजय सिलावट तथा डीडीआरसी की प्रशासकीय अधिकारी श्रीमती विजिया सिंघार द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
आयोजित हेल्थ कैम्प में 22 डाउन सिंड्रोम से ग्रसित बच्चों तथा 23 अन्य दिव्यांगजनों के दिव्यांगता प्रमाण-पत्र बनाए गए। साथ ही अभिभावकों की काउंसलिंग भी की गई।
डॉ. शिल्पा भालेराव ने जानकारी देते हुए बताया कि डाउन सिंड्रोम एक आनुवंशिक विकार है, जो तब होता है जब व्यक्ति में क्रोमोसोम 21 की एक अतिरिक्त प्रति पाई जाती है। यह एक सामान्य आनुवंशिक स्थिति है, जो लगभग प्रत्येक 700 शिशुओं में से 1 को प्रभावित करती है।
हेल्थ कैम्प में एक्रोपोलिस इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की डॉ. वंदना काते एवं प्रोफेसर चंचल बंसल, इंदौर एसोसिएशन ऑफ पीडियाट्रिक्स से डॉ. कुषग्र जॉन, डॉ. अंगा भागवत, डॉ. अंकिता माहेश्वरी, डॉ. शुभि एवं डॉ. रेखा शेंड सहित अन्य विशेषज्ञ उपस्थित रहे। जिला चिकित्सालय के विशेषज्ञों द्वारा भी अपनी सेवाएं प्रदान की गईं।
कार्यक्रम में इंदौर एसोसिएशन ऑफ पीडियाट्रिक्स, एसआरजे हॉस्पिटल, इंडेक्स डेंटल की टीम एवं डीडीआरसी की टीम द्वारा सहयोग प्रदान किया गया।
