इंदौर में मुख्यमंत्री संकल्प से समाधान अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में होंगे शामिल
लाभान्वित हितग्राहियों को करेंगे हितलाभ वितरण
इंदौर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 29 मार्च को इंदौर प्रवास पर रहेंगे। वे संकल्प से समाधान अभियान के अंतर्गत दशहरा मैदान में आयोजित भव्य कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव संकल्प से समाधान अभियान के तहत विभिन्न योजनाओं के तहत लाभांवित हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर शहर को पेयजल व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण सहित अनेक विकास कार्यों की महत्वपूर्ण सौगात भी देंगे। इससे शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नर्मदा पेयजल परियोजना के चौथे चरण का भूमि पूजन करेंगे।
इंदौर जिले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर संचालित किए गए संकल्प से समाधान अभियान के तहत एक लाख 44 हजार से अधिक हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है।
दशहरा मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा विकासात्मक गतिविधियों पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई है, जिसमें शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया है। कार्यक्रम को लेकर प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां की गई हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में हितग्राहियों एवं नागरिकों की उपस्थिति रहेगी।
इंदौर जिले में संकल्प से समाधान अभियान का सफलतापूर्वक प्रभावी क्रियान्वयन
सुशासन एंव स्वराज हेतु प्रतिबद्ध विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य अंतर्गत शासन के समस्त विभागों द्वारा संचालित योजनाओं और सेवाओं का पूरा लाभ ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों तथा तहसील व जिला स्तर पर पात्र हितग्राहियों तक पहुँचाने के लिए 12 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक संकल्प से समाधान अभियान आयोजित किया गया। इस अभियान के तहत आम नागरिकों द्वारा अपनी समस्याएं सीधी प्रशासन के समक्ष रखी गईं। अभियान के तहत व्यापक स्तर पर शिविर आयोजित किए गए। शिविरों में समस्याएं केवल सुनी ही नही गई, बल्कि स्थल पर ही उनके त्वरित समाधान के लिए ठोस कार्यवाही सुनिश्चित की गई। इसी स्पष्ट सोच एवं संवेदनशील पहल ने जनता के विश्वास को शासन के प्रति और अधिक सुदृढ़ किया है।
यह अभियान 4 चरणों में संचालित किया गया। इसके अतंर्गत विभिन्न विभागों की 106 सेवाओं को शामिल किया गया। प्रथम चरण में ग्राम पंचायत, नगर परिषद, एवं नगर पालिक निगम क्षेत्र अतंर्गत 539 कैम्पों का आयोजन किया जाकर संकल्प से समाधान अभियान के तहत व्यापक प्रचार-प्रसार एवं आवेदन संग्रहण का कार्य किया गया। तत्पश्चात ब्लाक एवं क्लस्टर लेवल पर 106 शिविर आयोजित किए जाकर आवेदनों के निराकरण की कार्यवाही की गई। इस अभियान के तहत इंदौर जिले में एक लाख 44 हजार 912 आवेदन प्राप्त हुए और इन सभी आवेदनों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। राजस्व विभाग ने 47 हजार 887, नगरीय प्रशासन विभाग ने 19 हजार 173, स्वास्थ्य विभाग ने 10 हजार 516 एवं परिवहन विभाग ने 20 हजार 283 और इसी प्रकार इंदौर के अन्य सभी विभागों के द्वारा उत्कृष्ट कार्य करते हुए लक्ष्य को पूर्ण कर संकल्प से समाधान अभियान को गति प्रदान की गई। यह आंकड़े केवल संख्या नहीं बल्कि जनविश्वास और प्रशासन की प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण है।
इस अभियान के तहत न केवल हितग्राहीमूलक योजनाओं में प्राप्त आवेदनों का निराकरण किया गया, बल्कि नि:शुल्क उपचार एवं गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान हेतु विभिन्न स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन भी किया गया। अभियान के तहत इंदौर के प्रमुख बॉम्बे अस्पताल, अरविंदो अस्पताल, चोईथराम हॉस्पिटल, इण्डेक्स हॉस्पिटल और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में शिविरों को आयोजन किया गया।
विभिन्न क्षेत्रों में सड़क, सीवरेज, ड्रेनेज और जल प्रदाय जैसी मूलभूत सुविधाओं पर तेजी से कार्य जारी है। जब समस्याओं का समाधान मौके पर ही होता है तो विश्वास अपने आप में मजबूत हो जाता है। संकल्प से समाधान सिर्फ एक अभियान नहीं बल्कि इंदौर के विकास, विश्वास और जनसेवा का एक सशक्त व जीवंत माध्यम बन सका।
अमृत -2.0 के अतंर्गत जल आपूर्ति योजनाओं का भूमिपूजन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत विभिन्न जल आपूर्ति योजनाओं का भूमि पूजन भी करेंगे।
अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत नगर पालिक निगम, इन्दौर द्वारा जलापूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़, आधुनिक एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। यह केवल आधारभूत संरचना का विकास नहीं है, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य, सुविधा और बेहतर जीवन स्तर से जुड़ा एक व्यापक प्रयास है, जिसमें इन्दौर शहर की भविष्य की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुये अतिरिक्त 400 एम.एल.डी. जलापूर्ति सुनिश्चित की जायेगी।
इन्दौर शहर की जल प्रदाय व्यवस्था नर्मदा नदी पर आधारित है। जिसमें लगभग 70 कि.मी. दूर से पंपिंग कर शहर को जल प्रदाय किया जाता है। नर्मदा पर आधारित जल प्रदाय योजना का प्रथम चरण वर्ष 1978 तथा द्वितीय वर्ष 1992 में क्रियान्वयन किया गया जिसमें 90-90 एम.एल.डी. चरणबद्ध रूप से कुल 180 एम.एल.डी. इन्दौर शहर को जल प्रदाय किया गया। बढ़ती हुई जनसंख्या एवं पानी की आवश्यकता के दृष्टिगत वर्ष 2006-2010 के दौरान प्रोजेक्ट उदय के अंतर्गत 360 एम.एल.डी. क्षमता के नर्मदा तृतीय चरण की योजना का क्रियान्वयन किया गया है, यह योजना वर्ष 2024 तक के लिए है। वर्तमान में नर्मदा प्रथम, द्वितीय चरण से 180 एम.एल.डी. एवं तृतीय चरण से 360 एम.एल.डी. पानी, इस प्रकार वर्ष 2024 तक की जनसंख्या के लिए कुल 540 एम.एल.डी. पानी पम्प कर शहर को प्रदाय किये जाने की व्यवस्था है।
वर्ष 2014 में इन्दौर की नगरीय सीमा क्षेत्र को बढ़ाकर 29 गांव भी इन्दौर नगर निगम सीमा में सम्मिलित किए गए हैं। जिनमें तेजी से विकास हो रहा है एवं इन क्षेत्रों के सम्मिलित होने से इन्दौर की नगरीय सीमा लगभग दुगुनी हो गई है।
इन्दौर शहर की वर्ष 2040 में आंकलित जनसंख्या 58.70 लाख हेतु शहर में 1209 एम.एल.डी. पानी की आवश्यकता होगी। अमृत 2.0 योजना कार्यों के क्रियान्वयन के पश्चात शहरीय जलापूर्ति वर्तमान 580 एम.एल.डी. से बढ़कर 885 एम.एल.डी. हो जायेगी।
जिन कार्यों का भूमि पूजन किया जायेगा, उसमें पैकेज-2 के अंतर्गत वांचू पाईन्ट से राऊ सर्कल तक 2 हजार 235 मि.मी. व्यास की लगभग 39 किलोमीटर लंबी पाईप लाईन बिछाने का कार्य किया जाएगा, जो शहर के विभिन्न हिस्सों तक जल को सुचारू रूप से पहुंचाने का कार्य करेंगी। इसके साथ ही तीन प्रमुख स्थानों पर लगभग 2 हजार 870 मीटर लंबाई में आधुनिक तकनीक से टनल निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त राऊ सर्कल पर क्लोरिनेशन सिस्टम की स्थापना कर जल की गुणवत्ता को सुनिश्चित किया जायेगा, इस पैकेज की लागत रूपये 448.23 करोड़ है तथा कार्य 30 माह में पूर्ण किया जायेगा।
इसी प्रकार पैकेज-3 के अंतर्गत 20 नए ओवरहेड टैंक,जिनकी क्षमता 15 से 35 लाख लीटर तक होगी, का निर्माण किया जाएगा तथा 29 मौजूदा टैंकों का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। इन टैंकों को जोड़ने के लिए लगभग 27.4 किलोमीटर लंबी फीडर पाइप लाईन तथा 4.7 किलोमीटर ग्रेविटी मेन लाइन बिछाई जाएगी। साथ ही लगभग 685 किलोमीटर की डिस्ट्रीब्यूशन लाईन बिछाने का कार्य किया जाएगा। इस पैकेज के अंतर्गत लगभग एक लाख 26 हजार घरेलू जल संयोजन दिये जाने का कार्य किया जायेगा तथा एक लाख 8 हजार से अधिक वाटर मीटर स्थापित किए जाएंगे, जिससे 24×7 दबावयुक्त जलापूर्ति सुनिश्चित की जा सके। इस पैकेज की लागत 410.50 करोड़ रुपये है तथा कार्य 36 माह में पूर्ण किया जाएगा।
पैकेज-4 के अंतर्गत भी 20 नए ओवरहेड टैंक का निर्माण तथा 46 मौजूदा टैंकों का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। इसके साथ ही लगभग 25.82 किलोमीटर लंबी फीडर लाइन विकसित की जाएगी और लगभग 892 किलोमीटर लंबी वितरण पाईप लाईन बिछाई जाएगी। इस पैकेज के माध्यम से लगभग एक लाख 21 हजार घरेलू जल संयोजन दिये जाने का कार्य किया जायेगा तथा एक लाख 62 हजार से अधिक वाटर मीटर लगाए जाएंगे, जिससे जल वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी, प्रभावी एवं स्मार्ट बनाया जा सके। इस पैकेज की लागत रू. 497. 23 करोड है तथा कार्य 36 माह में पूर्ण किया जाएगा।
उपरोक्त कार्य पूर्ण होने के पश्चात् इन्दौर में सम्मिलित नवीन ग्राम जैसे रेवती, बरदरी, भौरांसला, कुमेडी, शक्करखेड़ी, अरण्डिया, मायाखेड़ी, बिचौली हप्सी, पत्थर मूण्डला, पालदा, कैलोद करताल, छोटा बांगड़दा, निहालपुर मुण्डी, बड़ा बांगड़दा, पाला खेड़ी आदि गांव में जलापूर्ति सुनिश्चित की जायेगी। लगभग रू. 1 हजार 356 करोड़ की लागत के उपरोक्त कार्य पूर्ण होने पर शहर के लगभग 2 लाख 47 हजार से अधिक परिवारों को सीधे लाभ प्राप्त होगा।
मुख्यमंत्री डॉ.यादव द्वारा 20 एमएलडी एसटीपी, सिरपुर तालाब-इंदौर का लोकार्पण भी
इंदौर नगर निगम द्वारा अपने स्वयं के स्ववित्तीय संसाधनों से रूपये 62.72 करोड़ की लागत से निर्मित यह परियोजना नगर निगम की प्रतिबद्धता, क्षमता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति उसके दृढ़ संकल्प का उत्कृष्ट उदाहरण है। आज सिरपुर तालाब के संरक्षण एवं पुनर्जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल का लोकार्पण किया जा रहा है, जो विशेष रूप से विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 04 के लिये अत्यंत महत्वपूर्ण है। विगत वर्षों में आसपास की कॉलोनियों से निकलने वाला अशोधित सीवेज तालाब में पहुंचकर उसे प्रदूषित कर रहा था, जिसे रोकने हेतु 10 प्रमुख सीवर आउटफॉल को ट्रैपकर 20 एमएलडी क्षमता का आधुनिक एसटीपी स्थापित किया गया है। इस परियोजना के अंतर्गत लगभग 8.5 किमी सीवर लाईन एवं 5 किमी ट्रीटेड वाटर रीयूज लाईन का निर्माण किया गया है, साथ ही जल वितरण हेतु 0.5 एमएल क्षमता का ओवरहेड टैंक (OHT) भी स्थापित किया गया है। इस व्यवस्था के माध्यम से अब तालाब को सीवर मुक्त बनाते हुए जल की गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित किया जाएगा तथा उपचारित जल का उपयोग शहर के लगभग 25 प्रमुख उद्यानों सहित हरित क्षेत्रों, अग्निशमन एवं अन्य कार्यों में किया जाएगा। यह परियोजना स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं जल पुनःउपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो इंदौर को सतत् विकास की ओर आगे बढ़ाने में सहायक मिल का पत्थर सिद्ध होगी।
