राजस्व अभियान की अवधि 10 दिनों के लिए बढ़ी
समस्याओं के निराकरण के लिए हेल्पलाइन नम्बर जारी
कलेक्टर श्री वर्मा की अध्यक्षता में टीएल बैठक सम्पन्न

इंदौर
इंदौर में कलेक्टर श्री शिवम वर्मा की अध्यक्षता में समय-सीमा (टीएल) बैठक आयोजित हुई, जिसमें सीएम हेल्पलाइन, राजस्व प्रकरणों और शहरी व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की गई। बैठक में फायर सेफ्टी, ट्रैफिक प्रबंधन, बेसमेंट पार्किंग और नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए सख्त निर्देश जारी किए गए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सिद्धार्थ जैन, अपर कलेक्टर श्री नवजीवन विजय पवार, श्रीमती निशा डामोर, श्री रोशन राय, श्री रिंकेश वैश्य सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
फायर सेफ्टी पर प्रशासन सख्त
कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि शहर की जी+3 कमर्शियल बिल्डिंग्स, जहां अधिक भीड़ रहती है, वहां अनिवार्य रूप से फायर सेफ्टी सिस्टम, उपकरण और मॉक ड्रिल की व्यवस्था होनी चाहिए। इस संबंध में आम सूचना जारी होने के बाद 15 दिन की अवधि लगभग समाप्त हो रही है। इसके बाद जांच में कमी मिलने पर बिल्डिंग सील की जाएगी। बिल्डिंग बायलॉज के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन द्वारा लगातार निरीक्षण, नोटिस और फायर ड्रिल कराई जा रही है, ताकि आपदा की स्थिति में लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके।
किताबों-स्टेशनरी, यूनिफॉर्म में मनमानी के संबंध में हेल्पलाइन पर की जा सकती है शिकायत
स्कूलों में किताबों और स्टेशनरी के नाम पर अधिक कीमत वसूली या जबरन खरीद की शिकायतों को लेकर प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। इस हेल्पलाइन नम्बर 0731-2431117 पर अभिभावक सीधे शिकायत दर्ज करा सकेंगे। यह हेल्पलाईन कार्यालयीन समय में कार्यरत रहेगी। शिकायत मिलने पर शिक्षा विभाग की टीम तुरंत जांच कर कार्रवाई करेगी। उक्त हेल्पलाइन पर अन्य शिकायतें भी कार्यालयीन समय में दर्ज कराई जा सकती है।
आमजन की समस्याओं की सीधी सुनवाई, लापरवाही पर अधिकारियों पर जुर्माना
कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने बैठक में एक अभिनव पहल करते हुए आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित एवं समाधानपरक निराकरण के लिए आवेदकों को सीधे बुलाकर समक्ष में सुनवाई की। इस दौरान उन्होंने सीएम हेल्पलाइन के तहत लंबित पांच प्रकरणों के आवेदकों को बुलाकर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। साथ ही लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में उक्त प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही पाए जाने पर नगर निगम के अधिकारी वसीम खान पर 5 हजार रुपए का अर्थदंड अधिरोपित किया गया। इसी प्रकार सब इंजीनियर सिद्धार्थ बरावलिया पर 5 हजार रुपए तथा देपालपुर-बेटमा की मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्रीमती रंजना गोयल पर 10 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया गया। इसके अतिरिक्त एक अन्य मामले में नगर निगम के अधिकारी श्री मोहित पवार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसी तरह हातोद क्षेत्र के एक सीमांकन मामले में गंभीर लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। अपर कलेक्टर श्री नवजीवन पवार को जांच सौंपी गई है। रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई होगी।
समर्थन मूल्य पर 10 अप्रैल से गेहूं का उपार्जन होगा शुरू
जिले में 10 अप्रैल से समर्थन मूल्य पर गेहूं का उपार्जन शुरू होगा। जिले में कुल 90 केंद्र बनाए गए हैं। किसानों के लिए पानी, शेड, टॉयलेट, बैठने व कैंटीन जैसी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गए। सभी खरीदी केंद्रों पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए नोडल अधिकारी नियमित निरीक्षण कर रहे हैं।
सुरक्षा और सुविधाओं पर जोर
नए शैक्षणिक सत्र को लेकर प्रशासन सक्रिय है। बड़े स्कूलों, छात्रावासों और अस्पतालों में पीएनजी कनेक्शन सुनिश्चित करने के प्रयास किये जा रहे हैं। कलेक्टर श्री वर्मा ने स्कूल बसों की फिटनेस और ड्राइवर की योग्यता जांच के लिए आरटीओ को नियमित चेकिंग के निर्देश दिये।
राजस्व अभियान की अवधि बढ़ी
बैठक में बताया गया कि इंदौर जिले में राजस्व प्रकरणों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। राजस्व विभाग का पोर्टल बंद रहने के कारण अभियान की अवधि आगामी 10 दिन बढ़ाई गई है। इस अभियान की पूर्व में 31 मार्च अंतिम तिथि थी। बैठक में बताया गया कि अभियान के अंतर्गत लंबित राजस्व प्रकरणों का तेजी से निराकरण सुनिश्चित किया गया है फलस्वरुप लंबित प्रकरणों में कमी आई है। बैठक में कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने बताया कि जिले में राजस्व प्रकरणों के निराकरण की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी । अब तहसीलों की मासिक रैंकिंग भी की जाएगी, ताकि राजस्व प्रकरणों के गुणवत्तापूर्ण और समय सीमा में निराकरण में प्रतिस्पर्धा बढ़े।
आयुष्मान योजना में मानकों का पालन जरूरी
बैठक में बताया गया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत मानकों का पालन नहीं करने पर 30 अस्पतालों को पैनल से बाहर किया गया है। कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि सभी अस्पतालों को निर्धारित मापदंडों का पालन करना अनिवार्य है, ताकि नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। कलेक्टर श्री वर्मा ने बैठक में निर्देश दिए हैं कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। चाहे फायर सेफ्टी हो, राजस्व कार्य या शिक्षा व्यवस्था—हर क्षेत्र में जवाबदेही तय करते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी।
