श्री अग्रवाल महासभा की मेजबानी में संपन्न हुए परिचय सम्मेलन में हजारों समाज बंधुओं को दिलाई ग्रीष्मकाल में मूक परिंदों की सेवा की शपथ

इंदौर समाजसेवी स्व. मिश्रीलाल गोयल की स्मृति में श्री अग्रवाल महासभा द्वारा पिछले दिनों गांधी हाल पर आयोजित तीन दिवसीय निशुल्क अ.भा. युवक युवती परिचय सम्मेलन में सहयोग देने वाले बंधुओं का सम्मान समारोह आयोजित किया गया जिसमें महासभा के समन्वयक संतोष गोयल ने कहा कि समाज के सभी वर्गों के सहयोग और भागीदारी से ही ऐसे बड़े और समाजहित के आयोजन सार्थक बन पाते हैं। सम्मान से नई ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है। अगला सम्मेलन मार्च 2027 में और अधिक व्यापक स्वरुप में आयोजित होगा।
महासभा के अध्यक्ष डॉ. सतीश गोयल, महिला समिति की प्रमुख श्रीमती उर्मिला गोयल एवं पुष्पा गुप्ता ने बताया कि तीन दिवसीय परिचय सम्मेलन के दौरान विनोद अग्रवाल (जावरा), पिंकी रवि अग्रवाल, शर्मिला गोयल, राखी मित्तल, आरती अग्रवाल, उमा बंसल, नीना बद्रुका, चंचल अग्रवाल, रश्मि नरेडी, स्वाति गोयल, पिंकी नरेश अग्रवाल, लवीशा अग्रवाल, आभा अग्रवाल, ममता गर्ग एवं प्रियंका गर्ग सहित अनेक मातृशक्ति ने दिनरात परिश्रम कर अपना योगदान दिया। अग्रवाल समाज केन्द्रीय समिति के पूर्व अध्यक्ष गोविन्द सिंघल ने मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहकर सभी कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया, वहीं शैलेन्द्र मित्तल, कमलेश गोयल (पचोर) एवं इंदु गोयल (कन्नोद) ने भी पूरी व्यवस्थाएं संभाली। पत्रिका मिलान करने वाले पं. घनश्याम शर्मा एवं प्रतिदिन दोनों समय स्वादिष्ट भोजन बनाने वाले धामनोद के अमित गर्ग का भी इस अवसर पर अतिथियों ने स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मान किया। कार्यक्रम का संचालन मनीष जैन ने किया और आभार माना अजय बंसल ने। सामाजिक सरोकार की दिशा में अपनी परम्परा कायम रखते हुए महासभा की ओर से सभी समाज बंधुओं को सकोरे भेंटकर मूक परिंदों के लिए ग्रीष्मकाल में दाना-पानी रखने का संकल्प भी दिलाया गया।
अगला सम्मेलन मार्च 27 में – समन्वयक संतोष गोयल ने बताया कि अब 34वां अ.भा. सम्मेलन मार्च 2027 में बाबूजी स्व, मिश्रीलाल गोयल की स्मृति में आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन में समाज के लोगों को जोड़ने और नई पीढ़ी को मंच देने के उद्देश्य से और व्यापक स्वरुप देने का निर्णय लिया गया है। महासभा द्वारा अब नए शिक्षा सत्र में स्कूली बच्चों को अभ्यास पुस्तिकाएँ, यूनिफार्म और फीस वितरण सहित अन्य सेवा प्रकल्प भी चलाए जाएँगे।
