पलासिया चौराहा स्थित अपोलो टावर की छत पर लग रहा 40 किवा का सोलर प्लांट, हर माह होगी 5 हजार यूनिट बिजली पैदा

इंदौर शहर में सौर ऊर्जा के प्रति अब तक एक, दो और तीन मंजिला भवनों पर सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना के क्रम में अब एक बड़ा नाम भी जुड़ गया है। पलासिया चौराहा स्थित बहुमंजिला भवन अपोलो टावर की छत पर भी 40 किलोवाट का सोलर प्लांट लगाया जा रहा है जिससे हर महीने 5 हजार यूनिट बिजली का उत्पादन होगा। सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से इस टावर के बिजली उपभोक्ताओं को सालाना पांच लाख रुपए से अधिक की सीधी बचत हो सकेगी। शहर के अन्य बहुमंजिला भवनों की छतों पर भी अब सोलर प्लांट लगाने की होड़ लग रही है। ग्रीष्मकाल में अत्यधिक बिजली उत्पादन की सम्भावना के मद्देनजर अब शहर के अनेक बहुमंजिला और वाणिज्यिक भवन के रहवासी भी सोलर प्लांट लगाने की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
पलासिया चौराहा स्थित अपोलो टावर की छत पर ऊर्जा संरक्षण की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अपोलो टावर के रहवासियों और व्यापारियों ने इस प्रोजेक्ट के लिए शहर की प्रतिष्ठित 10 सोलर कम्पनियों से टेंडर बुलवाए थे और तकनीकी तथा आर्थिक मानकों पर खरा उतरने के बाद कालानी नगर स्थित अग्रवाल सौर ऊर्जा डेवलपर्स को इस महत्वपूर्ण कार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अग्रवाल डेवलपर्स के सीईओ चयन अग्रवाल ने बताया कि अपोलो टावर पर 40 किलोवाट केप्लांट से हर महीने 5 हजार यूनिट बिजली का उत्पादन होगा जिससे इस भवन के व्यापारियों एवं रहवासियों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपए से अधिक की सीधा बचत तो होगी ही बल्कि पर्यावरण की दृष्टि से भी 40 किलोवाट का यह सोलर प्लांट प्रतिवर्ष लगभग 40 से 50 टन कार्बन उत्सर्जन को कम करेगा। यह कदम पर्यावरण के लिहाज से उतना ही प्रभावशाली है जितना हजारों पेड़ लगाना महत्वपूर्ण होता है। आने वाली पीढ़ियों के लिए यह एक हरित क्रांति और स्वच्छ वातावरण बनाने की दिशा में बड़ा योगदान होगा। अपोलो टावर के रहवासियों एवं अग्रवाल सौर ऊर्जा के बीच हुए अनुबंध के आधार पर अपोलो टावर पर सौर ऊर्जा का यह प्लांट विधिवत काम करने लग गया है। इस बहुमंजिला भवन को देखकर अब अन्य बहुमंजिला और वाणिज्यिक भवन भी सौर ऊर्जा प्लांट लगाने की दिशा में उत्सुक नजर आ रहे हैं।
