श्री जीणधाम ट्रस्ट की मेजबानी में राज्य के 20 जिलों के 10 हजार से अधिक श्रद्धालु आएंगे इंदौर – मातृशक्ति को मिलेंगे अनेकों उपहार

इंदौर।
मालवांचल के भक्तों द्वारा अंग्रेजी नए वर्ष में इस बार रविवार, 11 जनवरी को एबी रोड, राजीव गांधी चौराहा स्थित द मीरा गार्डन पर श्री जीण मैय्या के मंगल पाठ का दिव्य आयोजन होगा। इस दौरान मातारानी को जयपुर से बुलवाई गई 108 फीट लंबी चुनरी व जयपुर की ही सुहाग पिटारी, मथुरा से बुलवाए गए फूलों और 108 फीट लम्बे गजरे से पूजा-अर्चना एवं मनोहारी श्रृंगार का अनुष्ठान होगा। मालवांचल के करीब 20 जिलों से आने वाले 10 हजार से अधिक श्रद्धालु इस मौके पर शामिल होंगे। उत्सव की व्यापक तैयारियां प्रारंभ हो गई हैं।
श्री जीण धाम ट्रस्ट की ओर से शिवरतन खंडेलवाल एवं धर्मेश बबलू मित्तल ने बताया कि मालवा मिल स्थित अग्रवाल पंचायत भवन पर रविवार को आयोजित बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार इस बार भी जीण माता का भव्य व मनमोहक दरबार तथा पुष्प बंगला तो सजेगा ही, वाराणसी (उ.प्र.) की प्रख्यात मंगल पाठ वाचिका श्रीमती पायल अग्रवाल (काशी की बेटी) अपने मधुर कंठ से मातारानी की महिमा का गुणगान करेंगी। गत वर्ष भी हजारों भक्तों ने इस महोत्सव में शामिल होकर शहर की गौरवशाली परंपरा के अनुरूप इसे गरिमापूर्ण एवं अभूतपूर्व बनाने का संकल्प लिया था। इस बार महोत्सव में कलकत्ता के सोहनी चक्रवती के निर्देशन में डांस ग्रुप के कलाकारों द्वारा माता को समर्पित नाट्य प्रस्तुति भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। महोत्व में भजन गंगा भी होगी। मंगल पाठ रविवार, 11 जनवरी को दोपहर 2 बजे से प्रारंभ होगा। दिव्य अखंड ज्योत भी प्रज्ज्वलित होगी, जिसमें पूरे समय श्रद्धालु कतारबद्ध होकर अपनी आहुतियां समर्पित करेंगे। माताजी को 56 भोग भी समर्पित किए जाएंगे। महोत्सव की तैयारियों के लिए आयोजित इस बैठक में बड़ी संख्या में शहर के माता भक्तों ने शामिल होकर संकल्प लिया कि वे हरसंभव महोत्सव को सार्थक और गरिमापूर्ण बनाएँगे। महोत्सव के लिए अब तक राजस्थान के सीकर जिला स्थित मुख्य जीण धाम मंदिर, पाटनी पुरा इंदौर स्थित जीण धाम, खजराना गणेश मंदिर, ग्रेटर बृजेश्वरी स्थित जीण धाम एवं बंगाली चौराहा स्थित जीण धाम पर निमंत्रण समर्पित किए जा चुके हैं। महोत्सव की तैयारियों के लिए नियमित बैठकों का सिलसिला भी शुरू हो चुका है। जीण माता चेरिटेबल ट्रस्ट पाटनीपुरा, जीण माता महिला मंडल, पूज्य देवी जीण माता परिवार, जीण माता भक्त मंडल बरूफाटक एवं धामनोद, श्री जीण धाम वार्षिकोत्सव समिति एवं जीण माता मासिक मंगल पाठ उत्सव समिति सहित शहर के सैकड़ों श्रद्धालु बैठक में उपस्थित थे महोत्सव के लिए अब तक राजस्थान के सीकर जिला स्थित मुख्य जीण धाम मंदिर, पाटनी पुरा इंदौर स्थित जीण धाम, खजराना गणेश मंदिर, ग्रेटर बृजेश्वरी स्थित जीण धाम एवं बंगाली चौराहा स्थित जीण धाम पर निमंत्रण समर्पित किए जा चुके हैं। महोत्सव की तैयारियों के लिए नियमित बैठकों का सिलसिला भी शुरू हो चुका है। महोत्सव के लिए अलग-अलग भक्तों को जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं। चूंकि महोत्सव में हजारों भक्त शामिल होंगे अतः कार्यक्रम स्थल पर उनके लिए भोजन, बैठक व्यवस्था, वाहन पार्किंग, पेयजल, स्वल्पाहार, पूजन सामग्री एवं अन्य तमाम व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। समिति के राजू भाई राधे राधे एवं विक्की मित्तल के अनुसार महिलाओं को दी जाने वाली सुहाग पिटारी में सिंदूर, मेहंदी, बिंदिया, लाख की चूड़ी, काजल, कुमकुम, चांवल, हल्दी, रोली एवं माताजी के नेग, बिछुड़ी सहित सुहाग की सभी सामग्री भी रहेंगी। मथुरा से दो पुष्प सज्जाकार बुलवाए गए हैं, जो फूलों को लेकर आएंगे और स्थानीय कलाकारों के सहयोग से पुष्प बंगला सजाएंगे। कार्यक्रम स्थल पर चरण पादुका स्थल, वातावरण में खुशबू फैलाने के लिये इत्र वर्षा और उत्सव को गरिमापूर्ण बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएँगे। मंगल पाठ के बाद महोत्सव में 101 आरती की थालियों से महाआरती की जाएगी।
