
इंदौर। मध्य प्रदेश में नई परिवहन नीति को लेकर प्रस्तावित 2 मार्च की अनिश्चितकालीन बस हड़ताल फिलहाल टल गई। निजी बस संचालकों ने सरकार के साथ हुई सकारात्मक चर्चा और मांगों पर सहमति बनने के बाद हड़ताल टाल दी। इससे इंदौर से संचालित होने वाली 1100 बसों की पहिये होली पर नहीं थमेंगे। इन बसों से 40 हजार से अधिक यात्री प्रतिदिन सफर करते है, जो आसपास के कस्बों और जिलों तक जाते है। इनको होली पर परेशानी नहीं उठाना होगी।
नई परिवहन नीति पर संशोधन और वर्तमान व्यवस्था यथावत रखने के आश्वासन के बाद निजी बस संचालकों ने बसों की हड़ताल टाल दी। प्राइम रूट बस ओनर्स एसोसिएशन सहित प्रदेश के विभिन्न मोटर मालिक संगठनों ने पहले नई परिवहन व्यवस्था का विरोध करते हुए बस संचालन बंद करने की घोषणा की थी। संगठनों का आरोप था कि राज्य परिवहन उपक्रम के नाम से सात कंपनियां बनाकर वर्तमान बस परमिट निरस्त करने और पीपीपी मॉडल के तहत नए परमिट देने की तैयारी की जा रही है। साथ ही टेंडर फीस और अन्य शर्तों को लेकर भी बस मालिकों में असंतोष था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परिवहन अधिकारियों और बस संचालकों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की थी। इसमें 24 दिसंबर 2025 को प्रकाशित राजपत्र को फिलहाल होल्ड करने, फिटनेस सेंटर उपलब्ध न होने पर मैन्युअल फिटनेस की अनुमति देने, टैक्स और नामांतरण से जुड़े मुद्दों पर संशोधन करने तथा वर्तमान बस संचालन व्यवस्था को यथावत रखने पर सहमति बनी।
