
इंदौर शहर के प्रमुख आस्था केन्द्र मनोरमागंज स्थित गीता भवन पर जन्माष्टमी महापर्व के उपलक्ष्य में शुक्रवार देर रात तक विभिन्न आयोजन हुए। हजारों भक्तों ने सुबह से देर रात तक उत्सव का आनंद लिया। जन्माष्टमी पर गीता भवन में तीन मनोहारी झांकियां भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही। इनमें भगवान के बाल स्वरुप, कृष्ण जन्मभूमि एवं चतुर्भुज अवतार की झांकियां देखने के लिए देर रात तक भक्तों का मेला जुटा रहा।
गीता भवन ट्रस्ट के अध्यक्ष राम ऐरन एवं मंत्री रामविलास राठी ने बताया कि सुबह काशी से आए स्वामी कृष्णागिरि सरस्वती के प्रवचन हुए। गीता भवन स्थित कृष्ण मंदिर एवं अन्य सभी देवालयों में विद्युत सज्जा एवं पुष्पों से आकर्षक श्रृंगार किया गया। दोपहर में गीता भवन भक्त मंडल की ओर से महिलाओं ने भगवान कृष्ण पर आधारित ब्रज के गीतों पर प्रस्तुतियां देकर भक्तों को खूब थिरकाया।। संध्या को पुनः स्वामी कृष्णागिरि सरस्वती के प्रवचन हुए, जिसमें उन्होंने भगवान के जन्म से संबंधित प्रेरक प्रसंग सुनाए। सांय 7 बजे से गीता भवन के भक्तों द्वारा भजन संध्या का रंगारंग आयोजन भी संपन्न हुआ। रात ठीक 12 बजे भगवान के जन्म की बेला आते ही शंख ध्वनि और घंटे-घड़ियाल की मंगल ध्वनि गूंज उठी। गीता भवन कृष्ण मन्दिर से लेकर प्रवेश द्वार तक भक्तों का मेला देर रात तक जुटा रहा। महाआरती और झूला महोत्सव में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। प्रसाद वितरण के साथ समापन हुआ।
