14 अक्टूबर मंगल-पुष्य नक्षत्र संजोग में व्यापार के लिए नए खाता बही, नए वाहन, जमीन जायदाद के सौदे, गहने, मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स समान खरीदना शुभ रहेगा। भूमि पर मंगल का आधिपत्य है, अतः मंगल पुष्य में खरीदी गई जमीन व्यक्ति विशेष के लिए विशेष फलदायी होगी ।
यह नक्षत्र दो दिनों (मंगलवार और बुधवार) तक रहेगा, इसलिए यह एक विशेष संयोग बना रहा है 
पुष्य नक्षत्र सभी नक्षत्रों में सर्वाधिक शुभ एवं बलवान होने के कारण नक्षत्रराज कहलाता है। विवाह को छोड़कर सभी मांगलिक शुभ कार्यों में पुष्य नक्षत्र का महत्व है। शास्त्रों में पुष्य को सौ दोषों को दूर करने वाला, शुभ कार्य उद्देश्यों में निश्चित सफलता प्रदान करने वाला एवं बहुमूल्य वस्तुओं की खरीददारी हेतु सबसे श्रेष्ठ एवं शुभ फलदायी माना गया है। ग्रहों की स्थिति अनुसार दीपावली से पहले पड़ने वाला यह पुष्य नक्षत्र खरीददारी के लिए धनतेरस के समान फलदायक है। सदियों से ऐसा माना जाता है कि पुष्य नक्षत्र के दिन किए गए हर शुभ कार्य का परिणाम कई गुना हो जाता है, इसी तरह इस दिन किया गया दान अक्षत हो जाता है और इस दिन खरीदी गई वस्तुएं भी अक्षत रहेगी। इस संयोग में मंत्रों से संबंधित कोई भी उपासना करने से उसका सौ गुना अधिक फल मिलता है।
शुभ चौघड़िया मुहूर्त
14 अक्टूबर 2025- सुबह 11:54 बजे से पूरी रात तक।
प्रातः मुहूर्त:- 11:54 ए एम – 01:33 पी एम (चर, लाभ, अमृत)
15 अक्टूबर 2025- सुबह 06:22 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक।
