बसों में सुरक्षित यातायात के लिए बीते दिनों परिवहन आयुक्त ने आदेश जारी कर 15 साल पुरानी सभी बसों को हटाने के निर्देश दिए थे। ये बसें संभाग के अलग-अलग जिलों में संचालित होती हैं और इनके परमिट इंदौर से जारी किए गए हैं। अब संभाग स्तर पर इन्हें निरस्त करने की तैयारी परिवहन विभाग ने की है। संभाग में 15 साल पुरानी 156 बसें अलग-अलग रूटों पर संचालित हो रही हैं। ये बसें मुख्य रूप से खंडवा–बुरहानपुर, महेश्वर–सनावद, खरगोन–सनावद, भिकनगांव–खंडवा, धामनोद–मनावर, खरगोन–खंडवा, ओंकारेश्वर–आशापुर, इंदौर–बुरहानपुर, खरगोन–इंदौर आदि रूटों पर चल रही हैं। विभाग की सख्ती के बाद इन बसों के स्थान पर जल्द नई बसें आ सकती हैं।
इंदौर संभाग में भी 15 साल पुरानी 156 बसें सड़कों पर चल रही हैं और परिवहन विभाग ने इन्हें नोटिस जारी किए थे। इसमें से 78 बसों को दो बार सात-सात दिन के नोटिस दिए गए थे, लेकिन निर्धारित समय में वाहन मालिकों द्वारा नए वाहन प्रस्तुत नहीं किए जाने पर अब इन बसों के परमिट निरस्त किए जाएंगे। अन्य बसों के परमिट भी नोटिस का समय पूरा होने पर निरस्त करने की प्रक्रिया में आएंगे। संभाग में 156 पुरानी बसों के परमिट निरस्त करने के नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें से करीब 20 बस संचालकों ने इन परमिट पर नई बसें चलाने का प्रस्ताव दिया है। नई बस का प्रस्ताव देने वाले संचालकों के परमिट निरस्त नहीं किए जाएंगे और नई बसों को इन्हीं परमिट पर अनुमति जारी की जाएगी।
संभाग की कई बसों के पास पांच साल के परमानेंट परमिट हैं, जिनमें कुछ की वैधता वर्ष 2027 और 2028 तक है, लेकिन 15 साल की उम्र पूरी कर चुकी बसें भी इन परमिट पर संचालित हो रही हैं। ऐसे में विभाग ने 15 साल पुरानी 156 बसों को हटाने की तैयारी कर ली है। जिन 78 बसों को दो बार नोटिस भेजा गया था, उनके परमिट निरस्त करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। शेष 78 बसों पर भी नोटिस अवधि पूरी होने के बाद कार्रवाई होगी। आरटीओ कहना है कि 15 साल पुरानी सभी बसों के परमिट निरस्त करने के नोटिस दिए गए थे। इसमें से 78 बसों का नोटिस समय पूरा हो चुका है और अब आगे की कार्रवाई की जा रही है।
