24–25 जनवरी को देवी अहिल्या हॉर्स सोसायटी का आयोजन
मारवाड़ी और नूकरा नस्ल के घोड़ों का होगा भव्य प्रदर्शन

सारंग खेड़ा में नुकरा में प्रथम आया था
इंदौर।
इंदौर में अश्व प्रेमियों के लिए एक ऐतिहासिक और रोमांचक आयोजन होने जा रहा है। देवी अहिल्या हॉर्स सोसायटी के तत्वावधान में पहली बार सेंट्रल इंडिया हॉर्स शो का आयोजन 24 और 25 जनवरी को सुपर कॉरिडोर स्थित गांधी नगर मैदान में किया जाएगा। यह आयोजन न केवल इंदौर बल्कि पूरे मध्य प्रदेश के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह राज्य का पहला भव्य हॉर्स शो होगा।
आयोजक पवन सिंह चावड़ा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस दो दिवसीय आयोजन में देशभर से 150 से अधिक मारवाड़ी और नूकरा (नुक्ले) नस्ल के घोड़े शामिल होंगे। घोड़ों की शान, चाल, बनावट और प्रशिक्षण को लेकर होने वाली प्रतियोगिताओं को देखने के लिए अश्व प्रेमियों में खासा उत्साह है।
हॉर्स शो के दौरान मारवाड़ी प्रतियोगिता, नूकरा प्रतियोगिता और आकर्षक हॉर्स डांस प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। प्रशिक्षित घोड़ों द्वारा प्रस्तुत डांस और अनुशासित चाल दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। आयोजकों के अनुसार प्रतियोगिताओं का मूल्यांकन अनुभवी जजों द्वारा किया जाएगा।
प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार के रूप में नकद राशि, ट्रॉफी और सम्मान पत्र प्रदान किए जाएंगे। आयोजन का उद्देश्य भारतीय घुड़सवारी संस्कृति को बढ़ावा देना और पारंपरिक घोड़ा नस्लों के संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना है।
देवी अहिल्या हॉर्स सोसायटी के इस प्रयास को शहर के खेल और सांस्कृतिक क्षेत्र में एक नई पहचान के रूप में देखा जा रहा है। आयोजकों को उम्मीद है कि यह हॉर्स शो भविष्य में हर साल आयोजित होकर इंदौर को अश्व खेलों के मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएगा।इस आयोजन में मध्यप्रदेश
के भोपाल , गुना, नीमच , हरदा के साथ ही पंजाब ,राजस्थान ,
गुजरात , महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ के साथ ही
1800 किलोमीटर दूर तमिलनाडु से भी अश्व शामिल होगे ।
26 माह की विश्व सुंदरी रहेगी आकर्षण का केंद्र

सेंट्रल इंडिया हॉर्स शो में अब इंदौर की वह विश्व सुंदरी भी मौजूद रहेगी, जो सभी के आकर्षण केंद्र रहेगी। यह वहीं घोड़ी है, जिसने महाराष्ट्र के सारंगखेड़ा में आयोजित चेतक महोत्सव में कम उम्र में ही प्रथम विजेता के रूप में जीत हासिल की थी। पवनसिंह चावड़ा ने बताया कि विश्व सुंदरी की सेहत का विशेष ध्यान रखा जाता है। वह रोज सुबह 3 लीटर दूध पीती है तो वहीं खाने में चना, चापड़ और अन्य वस्तुएं खिलाई जाती हैं। हर रोज वह एक घंटे व्यायाम भी करती है। पशु चिकित्सकों द्वारा समय-समय पर उसका चेकअप किया जाता है। करीब 26 माह की विश्व सुंदरी की ऊंचाई 63 इंच व कलर ब्लैक, गर्दन पतली, मासूम चेहरा, कान छोटे हैं। इन्हीं विशेषताओं के कारण इसका विश्व सुंदरी नाम पड़ा।
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