संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े की अध्यक्षता में सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना को लेकर वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित की गई। बैठक में इंदौर संभाग में सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना के कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में इंदौर संभाग के सभी कलेक्टर्स और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शामिल हुए। इंदौर से कलेक्टर शिवम वर्मा, संयुक्त आयुक्त विकास श्री डी.एस. रणदा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री सिद्धार्थ जैन, संयुक्त संचालक मण्डी बोर्ड श्रीमती प्रवीणा चौधरी आदि शामिल हुए।
बैठक में संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने संभाग के सभी कलेक्टर्स और मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे यह सुनिश्चित करें कि किसानों को सोयाबीन फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य प्राप्त हो। भावांतर योजना का अच्छी तरह प्रचार-प्रसार किया जाये। सभी पंजीयन केन्द्रों, मण्डी एवं उप मण्डियों पर होर्डिंग्स, बैनर आदि लगायें। सभी विक्रय केन्द्रों पर किसानों के लिये सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। अब योजना में पंजीयन के 3 दिन शेष है, अब भी शेष रहे किसानों तक प्रशासन अपनी पहुँच बना कर पंजीयन में सक्रियता रखें। इसके अलावा खरीदी 24अक्टूबर से प्रारम्भ होना है। सभी कलेक्टर सेकंड फेज की तैयारी निश्चित रूप से कर ले। मण्डी स्तर पर हेल्पडेस्क स्थापित करें तथा इसका संचालन त्वरित गति से हो। मण्डीवार एसओपी का निर्धारण एवं ट्रेफिक प्रबंधन, नीलामी तौल, सीसीटीवी रिकार्डिंग संधारण, ऑनलाईन भुगतान, कृषक शिकायतों का तत्काल निराकरण आदि का निर्धारण सुनिश्चित करें। सभी मण्डियों एवं उप मण्डियों में संभावित आवक को देखते हुए ट्रेफिक प्रबंधन के समुचित उपाय किये जाये। इस संबंध में ट्रेफिक पुलिस के साथ समन्वय के साथ कार्य करें। पार्किंग व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाये। उप मण्डी प्रांगणों में ई-मण्डी हेतु पीओएस मशीन, इन्टरनेट की व्यवस्था, इलेक्ट्रानिक तौल कांटा, व्यापारियों की उपलब्धता एवं आवश्यकतानुसार कर्मचारियों का प्रशिक्षण सुनिश्चित करें।
बैठक में डॉ. खाड़े ने निर्देशित करते हुए कहा कि सोयाबीन खरीदी भावांतर भुगतान योजना के तहत कृषकों को पूर्ण ऑनलाईन भुगतान बैंक खाते में ही प्राप्त होगा। इस बारे में कृषकों को मध्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों के माध्यम से सूचित किया जाये। योजना का लाभ केवल मण्डी प्रांगण और उप मण्डी प्रांगण में फसल के विक्रय पर ही प्राप्त होगा। एमपी फार्मगेट एप के माध्यम से विक्रय करने पर योजना का लाभ प्राप्त नहीं होगा। इस संबंध में कृषकों को ध्वनि विस्तारक यंत्रों के माध्यम से सूचित किया जाये। डॉ. खाड़े ने कहा कि वर्तमान में इंदौर संभाग में कृषकों के पंजीयन की संख्या 82822 है। इस पंजीयन में और वृद्धि की जाये। इसके लिये जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में व्यापारियों के साथ बैठकें की जाये। सोयाबीन के भाव में कमी न आये, इस पर कड़ी निगरानी रखी जाये। सीमावर्ती मण्डियों में अन्य राज्यों के सोयाबीन विक्रय हेतु नहीं आ पाये, इसका भी ध्यान रखा जाये। मण्डियों में सोयाबीन के मॉडल भाव की प्रतिदिन समीक्षा की जाये। उन्होंने कहा कि 17 अक्टूबर तक सभी किसानों का ई-उपार्जन पार्टल पर पंजीयन हो जाये, यह सुनिश्चित करें। पंजीयन में किसानों को आधार नंबर, बैंक खाता, मोबाइल नंबर, बोवनी रकबे की जानकारी देना आवश्यक है।
