जब भी हम कुछ भी करते है चाहे वह विचार हो या कोई काम वह हमारे व्यक्तितव निर्माण के साथ हमारी कामयाबी की इबारत गढ़ रहा होता है कुछ विचारो की परिणीनीति येसे परिरणमों में होती है की वे हमारे सफलतम व्यक्तित्व का सिग्नेचर बन जाते है नीतिगत सत्यमार्ग पर चलते हुए मिली सफलता निश्चित ही कठिन होती है संघर्ष से मिली सफलता चीर स्थाई होती है सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता पर जल्दी सफलता पाने के मूल में अनुचित मार्ग से मिली सफलता का जश्न हम कितने दिनों तक मना पाएंगे यह निश्चित नहीं होता । सफलता की वह स्टोरी जो आप अपने अपनों से शेयर कर सके वही कहानी सार्थक और सराहनीय है ।

रॉबर्ट फ्रॉस्ट ने कहा है मुझे “जितना डर ख़ुद से नही लगता उससे अधिक डर, डर से डरे हुए लोगो से लगता है” सफलता या असफलता का पैमाना सिर्फ़ इतना है की समामस्याओं को आप अवसर के रूप में स्वीकार करे कामयाबी के पीछे के संघर्ष को देखे डोनाल्ड जे ट्रम्प कहते है “जो ज़रूरी है उसे देखने के लिए विवेक की आवश्यकता होती है”
अनुमान और खुली आँखो से देखे गए सपने ही सफलता का पैमाना तय करते है।
डर या तुलना असफलता का कारण बनते है, असफलता से डर नहीं पर डर उस हिसाब किताब का अवश्य रखें जो ईश्वर के बही खाते में दर्ज हो रहा है, यदि वाँह हिसाब नहीं देना है तो डर की कोई वजह हो ही नही सकती आप जो भी कर रहे है सार्वजनिक तौर पर शायद कोई नहीं देख रहा पर भूलिए मत कोई तो है जो सब देख रहा है और जो देख रहा है वह तक्षण न सही पर दूरगामी परिणाम जरूर देगा तभी तो हमारे बुजुर्ग कहते है उसकी लाठी में आवाज नहीं होती है रही बात लोगो की और दुनिया की तो दुनिया हमेशा असफलता पर ही हँसती है और हस्ती उसी कि है जो इस हँसी में भी हँसता है किसी ने बहुत खूब कहा है
इतिहास वही रचते है जिन पर दुनिया हँसती है जीत के लिए जूनून चाहिए,
आत्मविश्वास रगों में खूब चाहिए,
ये आसमान भी आएगा जमी पर,
बस इरादों में जीत की गूँज चाहिए
आज से अभी से स्वीकार किजीए
मानो या ना मानो पर जीत की यही रीत है,हर डर के आगे ही जीत है बस हर कामयाबी के लिए किए गए कार्य को करने से पहले यह धारणा और भावना जागृत रहे की कोई तो देख रहा है ….
@विजय दुबे
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