तेरे इश्क़ ने ये जालिम क्या अंजाम दिया आदमी था में भी पर ग़ुलाम पैसों ने बना दिया …,
काम सभी करते है कुछ अपने जीवन यापन के लिए , कुछ लाइफ़ स्टाइल के लिए ,और कुछ स्टेटस और फ़्यूचर के लिए , सफलता उन्हें ही मिलती है जो अपने काम से प्यार करते है l काम सदैव अपनी ख़ुशी से ख़ुश होकर करे जो भी आप कर रहे है उसके लिए अपना सबसे बेस्ट दीजिए वजह सिर्फ़ इतनी है की आज जो आप बो रहे है वही आपको काटना है , आज काम के प्रति की गई बेईमानी कल आपके फ़्यूचर को निर्धारित करने वाली है, जो भी करे पूर्ण ईमानदारी और समर्पण भाव से करे पैसा निश्चित ही आएगा, और इतना आएगा की आप कल्पना भी नहीं कर सकते l मनुष्य जीवन का लक्ष्य पैसा न हो पैसा तो वो भी कमा लेते है जिनका कोई चरित्र और ईमान नहीं होता है , आचार्य रजनीश कहते है जो धन आपने कमाया है उसका उपयोग आप कर पाए या न कर पाये पर उस धन को कमाने में जो कर्म अपाने किया है उसका फल आपको ही भोगना है ।

जीवन में आपके कर्म फल को आपको ही चुकाना है , इसीलिए रत्नाकर महर्षि वाल्मीकि बन गये l आपके काम से आने वाला पैसा काँह उपयोग में आएगा यह आपको निर्धारित करना है , हम जीवन को सार्थक करने के लिए कार्य करे , परिवार की समृद्धि के लिए कार्य करे l हमेशा अटेचमेंट रखे काम के बदले जो पैसा मिलने वाला है उससे , पर प्यार करे अपने काम से l बिल गेट्स कहते है संपूर्ण जीवन के सुख के लिए अपने काम से प्यार करो पैसे केलिए नही l पैसा कमाया नही जाता आ जाता है ठीक वैसे ही जैसे प्यार किया नही जाता हो जाता है l बस काम से प्यार हो पैसा आएगा इतना आएगा की आप सम्भाल नही पाएँगे लक्ष्य निर्धारित करे बिलकुल स्पष्ट विचार हो अभी जो कर रहे है उसके लिए अपना सौ प्रतिशत दे काम करना तभी सार्थक है जब आपके बाद आपकी कमी उस संस्थान को महसूस हो जब आप उनके साथ न हो इसके लिए ज़रूरी है की आप वो करे जो आपको पसंद है या जो कर रहे है उसे पसंद करना शुरू कर दे l
आसान कहां होता है इश्क को सिंदूरी श्रृंगार से सजा पाना,
कश्तियां इश्क की डूब जाती हैं गर मंजिल की चाहत ही ना हो..।।
©विजय दुबे
