मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर प्रदेश में किसानों के लिये लागू की गई भावांतर योजना के प्रति किसानों में खासा उत्साह है। योजना के तहत ई-उपार्जन पोर्टल पर सोयाबीन फसल के पंजीयन का कार्य 03 अक्टूबर से प्रारंभ होकर तेजी से जारी है। निर्धारित पंजीयन केंद्रों पर किसानों द्वारा उत्साह के साथ भावांतर योजना अंतर्गत पंजीयन कराया जा रहा है। इंदौर संभाग के सभी आठों जिलों में 13 अक्टूबर तक 82822 किसानों द्वारा कुल 210790 हेक्टेयर रकबे के सोयाबीन फसल का पंजीयन कराया जा चुका है। पंजीयन की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर 2025 है।
भावांतर योजना के तहत इंदौर संभाग में सबसे अधिक इंदौर जिले में 35895 किसानों ने कुल 97119 हेक्टेयर रकबे के सोयाबीन फसल का पंजीयन कराया है। इसी तरह धार जिले में 20676 किसानों द्वारा 59229 हेक्टेयर रकबा, खरगोन जिले में 8316 किसानों द्वारा 15622 हेक्टेयर रकबा, खण्डवा जिले में 8365 किसानों द्वारा 19753 हेक्टेयर रकबा, बड़वानी जिले में 8248 किसानों द्वारा 8721 हेक्टेयर रकबा, झाबुआ जिले में 4713 किसानों द्वारा 7341 हेक्टेयर रकबा, बुरहानपुर जिले में 1322 किसानों द्वारा 2310 हेक्टेयर रकबा और आलीराजपुर जिले में 757 किसानों द्वारा 695 हेक्टेयर रकबे के सोयाबीन फसल का पंजीयन अब तक कराया गया है।
भावांतर योजना के तहत सोयाबीन फसल के पंजीयन का कार्य 17 अक्टूबर तक चलेगा। किसानों से अपील की गई है कि वे निर्धारित पंजीयन केन्द्रों पर जाकर शीघ्र अपनी फसल का पंजीयन करायें। सोयाबीन विक्रय करने की अवधि 24 अक्टूबर से 15 जनवरी 2026 तक निर्धारित की गई है।
