
कर्तव्यपथ पर प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों की याद में प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी 21अक्टूबर को 15वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल महेश गार्ड लाईन इन्दौर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम शोक परेड (पुलिस स्मृति दिवस) आयोजित की गई। इस दौरान मुख्य अतिथि पुलिस आयुक्त नगरीय इन्दौर श्री संतोष कुमार सिंह एवं समस्त उपस्थित अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा श्रद्धा सुमन अर्पित किये गये।
लद्दाख स्थित हॉट स्प्रिंग की यात्रा देश के प्रत्येक पुलिस कर्मचारी के लिए तीर्थ है, भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस के उप पुलिस अधीक्षक करम सिंह और केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के उनके 20 सहयोगी 21अक्टूबर 1959 को अन्य दिन की तरह हॉट स्प्रिंग जो कि समुद्र तल से 4681 मीटर स्थित है। भारतीय सीमा पर गस्त पर थे। तभी चीनी सैनिकों ने पहाडी की चोटी से भारतीय गस्ती दल पर हमला बोला, जिसमें 11 वीर सपूत शहीद हुए व अन्य को कैदी बना लिया गया। समूचे भारत की पुलिस प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को “पुलिस स्मृति दिवस” के रूप में मनाती है एवं सभी पुलिस इकाईयाँ उस वर्ष शहीद हुए वीर जवानों को श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें याद करते हैं।
एक सितम्बर 2024 से 31 अगस्त 2025तक की अवधि में कुल 191 अधिकारी-कर्मचारी कर्तव्य की वेदी पर शहीद हुए। जिसमें मध्यप्रदेश से 11अधिकारी-कर्मचारी सम्मिलित हैं। शहीदों के नाम का वाचन सेनानी 15वीं /प्रथम वाहिनी विसबल इन्दौर श्री अभिषेक आनंद द्वारा किया गया। प्रथम वाहिनी, 15वीं वाहिनी, आरएपीटीसी एवं होमगार्ड इन्दौर के प्लाटून सहित समस्त अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा शहीदों को सलामी दी गई।
साथ ही पुलिस महानिरीक्षक ग्रामीण इन्दौर श्री अनुराग, पुलिस महानिरीक्षक विसबल (प.क्षे.) श्री चन्द्रशेखर सोलंकी, अति० पुलिस आयुक्त नगरीय इन्दौर, पुलिस उप महानिरीक्षक ग्रामीण, इन्दौर, पुलिस उप महानिरीक्षक, नारकोटिक्स इन्दौर सहित सभी वरिष्ठ अधिकारियों एवं सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
पुलिस स्मृति दिवस परेड की कमाण्ड श्री सतेन्द्र शर्मा, निरीक्षक (विसबल) 15वीं वाहिनी विसबल, इन्दौर एवं उपकमान श्री गजराज सिंह चौहान, उपनिरीक्षक (विसबल) प्रथम वाहिनी विसबल, इन्दौर द्वारा की गई।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक एवं नगर सुरक्षा समिति के सदस्यों ने भी उपस्थित होकर कर्तव्य की बलिवेदी पर अपने प्राण न्यौछावर करने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित किये।
