सरकार के दो साल पूरे होने के साथ ही निगम मंडलों में नियुक्ति को लेकर सियायसी अटकलों का दौर तेज हो गया है।हाल ही में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष की घोषणा के बाद अब भाजपा प्रदेश में निगम मंडल में नियुक्ति को लेकर तैयारी में जुटी है रविवार को दिल्ली में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की केद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद एक बार फिर निगम मंडलों की नियुक्ति को लेकर सियासी चर्चाओं का दौर शुरु हो गया। भाजपा संगठन और सरकार से जुड़े सूत्रों के मुताबिक निगम मंडलो में नियुक्ति को लेकर केंद्र ने हरी झंडी दे दी है We अनुमान है की दिसंबर अंत तक ही निग़म में मंडलों के नामों का एलान हो सकता है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद प्रदेश में संगठन के साथ बैठक की है माना जा रहा है की प्रदेश में मंत्रिमंडल का विस्तार भी किया जाएगा और जिन मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड अच्छा नहीं है उनकी छुट्टी तय है । साथ ही चार वरिष्ठ मंत्रियों का भी केंद्र में जाना लगभग तय है इन सब के बीच उन अटकलों पर विराम लग गया जिनमें कहा जा रहा था कि मुख्यमंत्री का चेहरा बदल दिया जाएगा अब केंद्र से मुख्यमंत्री को काम करने के लिए फ्री हैंड दे दिया गया है ।
निगम मंडलों में पार्टी के सीनियर नेताओं के साथ युवा चेहरों को भी एडजस्ट किया जाएगा। निगम मंडलों में संभावित दिग्गज नामों में कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री रामनिवास रावत, इमरती देवी और पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया के साथ महेंद यादव का नाम भी शामिल है।इसके साथ युवा चेहरों में राकेश गिरी और शिशुपाल यादव जैसे चेहरों को निगम मंडल में जगह मिल सकती है। इसके साथ ही भोपाल से आने वाले पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता और महाकौशल से आने वाले अंचल सोनकर का नाम निगम मंडल के दावेदारों में प्रमुख है।
