केंद्रीय बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया देते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी ने कहा कि,
यह बजट देश की वास्तविक आर्थिक स्थिति से आंख मूंदने वाला और केवल आंकड़ों की बाजीगरी पर आधारित बजट है। लगभग डेढ़ घंटे के बजट भाषण में वित्त मंत्री ने गिरते रुपये, विदेशी निवेश (FDI) के लगातार बाहर जाने, निजी निवेश की कमी और आर्थिक मंदी जैसे गंभीर विषयों पर एक शब्द भी नहीं कहा।
श्री पटवारी ने कहा कि यह बजट कटौती के सहारे गढ़ा गया बजट है, जिसके आंकड़े स्वयं यह साबित करते हैं कि देश की अर्थव्यवस्था गहरी मंदी की ओर बढ़ रही है। चालू वित्त वर्ष FY 2025-26 में सरकार ने अपने ही बजटीय अनुमानों में भारी कटौती कर दी है।
राजस्व प्राप्तियों में ₹78,086 करोड़ और नेट टैक्स प्राप्तियों में ₹1,62,748 करोड़ की कमी दर्ज की गई है, जो आर्थिक सुस्ती का स्पष्ट संकेत है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने कुल खर्च में ₹1,00,503 करोड़ और पूंजीगत खर्च (Capex) में ₹1,44,376 करोड़ की कटौती की है।
इसके बावजूद सरकार 4.4 प्रतिशत के Fiscal Deficit को उपलब्धि बताने का प्रयास कर रही है, जबकि यह लक्ष्य स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और सामाजिक कल्याण जैसे जरूरी क्षेत्रों में कटौती करके हासिल किया गया है।
श्री पटवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री जिन चार वर्गों—महिला, युवा, किसान और गरीब की बात करते हैं, इस बजट में उन्हें सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया गया है।
स्वास्थ्य बजट में ₹3,686 करोड़ और शिक्षा बजट में ₹6,701 करोड़ की कटौती की गई है। कृषि क्षेत्र में ₹6,985 करोड़, ग्रामीण विकास में ₹53,067 करोड़ और शहरी विकास में ₹39,573 करोड़ की कटौती यह दर्शाती है कि सरकार की प्राथमिकताओं में किसान और गरीब नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना में ₹3,200 करोड़ और जल जीवन मिशन में ₹50,000 करोड़ की कटौती बेहद चिंताजनक है, जबकि देश के कई हिस्सों में लोग आज भी दूषित पेयजल के कारण बीमार पड़ रहे हैं।
जल जीवन मिशन के लिए आवंटित राशि का मात्र लगभग 2 प्रतिशत ही उपयोग हो पाया है, जो सरकार की असफलता को दर्शाता है।
श्री पटवारी ने कहा कि यह बजट दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्गों के साथ भी अन्याय करता है।
PM अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना में ₹890 करोड़, OBC/EBC/DNT छात्रवृत्ति में ₹690 करोड़, SC पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति में ₹360 करोड़ और ST विकास कार्यक्रमों में ₹1,559 करोड़ की कटौती की गई है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि FY 2026-27 के लिए भी सरकार ने खाद्य सुरक्षा, LPG योजना, फसल बीमा, यूरिया सब्सिडी, तथा रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं में अपेक्षाकृत कम बजट प्रावधान किए हैं। साथ ही FY27 के लिए मात्र 10 प्रतिशत नॉमिनल GDP वृद्धि का अनुमान यह दर्शाता है कि सरकार स्वयं आर्थिक रफ्तार को लेकर आश्वस्त नहीं है।
श्री पटवारी ने कहा कि ₹17,14,523 करोड़ का घोषित Capex आंकड़ा भी भ्रम पैदा करने वाला है, क्योंकि चालू वित्त वर्ष में ही Capex में ₹1,44,376 करोड़ की वास्तविक कटौती की जा चुकी है। यह बजट न रोजगार सृजन करता है, न मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देता है और न ही निवेशकों का भरोसा लौटाने में सक्षम है।
अंत में श्री पटवारी ने कहा कि यह बजट न गरीब के लिए है, न मध्यम वर्ग के लिए, न किसान के लिए, न महिला के लिए और न ही देश के युवाओं के लिए। यह बजट देश की गिरती अर्थव्यवस्था, कमजोर रुपये और निवेश संकट पर चुप्पी साधे हुए है और इसलिए मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी इस बजट को पूरी तरह जनविरोधी मानती है।
