छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग के आईपीएस अफसर और वर्तमान में आईजी रैंक पर पदस्थ अधिकारी पर एक सब-इंस्पेक्टर की पत्नी ने यौन उत्पीड़न और शारीरिक शोषण का गंभीर आरोप लगाया है। महिला का दावा है कि अधिकारी बीते सात सालों से उसका शारीरिक और मानसिक शोषण करते आ रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि जब वह सरगुजा में आईजी थे, तभी उत्पीड़न की शुरुआत हुई और बिलासपुर आईजी बनने के बाद यह सिलसिला और बढ़ गया। महिला का कहना है कि अधिकारी अपनी पत्नी की अनुपस्थिति में उसे बंगले पर बुलाते थे और आपत्तिजनक हरकतें करते थे।
चंदखुरी पुलिस प्रशिक्षण अकादमी में तबादला होने के बाद भी उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए परेशान करना जारी रखा।
महिला का आरोप है कि अधिकारी सुबह पांच बजे से रात 10 बजे तक कई बार वीडियो कॉ पर नजर रखने का दबाव डालते थे। शिकायत में लिखा है कि वह अब तक चुप रही क्योंकि उसके पति की नौकरी खतरे में पड़ सकती थी। आरोप है कि आईपीएस अधिकारी अक्सर उसे धमकी देते थे कि अगर तुमने विरोध किया तो तुम्हारे पति को नक्सल क्षेत्र में तबादला कर दूंगा।
इधर, आईपीएस ने डीजीपी अरुणदेव गौतम को लिखित शिकायत देकर खुद पर लगे आरोपों को झूठा और साजिशन बताया है। उन्होंने कहा कि सब-इंस्पेक्टर की पत्नी पिछले कई वर्षों से उन्हें ब्लैकमेल कर रही है और उनके परिवार को मानसिक प्रताड़ना दे रही है। अधिकारी ने डीजीपी को सौंपे पत्र में लिखा है कि महिला ने उनके वाशरूम और निजी पलों के वीडियो बनाकर उन्हें धमकाना शुरू किया।
