संघ, बजरंग दल, विहिप एवं विद्यार्थी परिषद से जुड़े अनेक विशिष्टजन हुए शामिल – ढाई लाख से अधिक भक्त पहुंचे ‘दशहरा मैदान’

इंदौर दशहरा मैदान स्थित ‘अवध लोक’ पर गत 19 मार्च से चल रहे नौ दिवसीय ‘सबके राम’ महोत्सव में शुक्रवार की रात एक लाख से अधिक भक्तों ने पहुंचकर वृन्दावन के भव्य प्रेम मंदिर की प्रतिकृति में विराजित राम दरबार के दर्शन पूजन का पुण्य लाभ उठाया, वहीं शनिवार को अभिजीत मुहूर्त में अवध लोक में ही सभी प्रतिमाओं का विद्वान आचार्यों के निर्देशन में विधि विधान के साथ पार्थिव पूजन कर नम आँखों से विर्सजन किया गया। इसके पूर्व शुक्रवार को दोपहर में पालने में विराजित नन्हें प्रभु श्रीराम लला की जन्म आरती में भी हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर रामलला के पालने को झुलाने का पुण्य अर्जित किया।
‘सबके राम’ लोक कल्याण समिति के संयोजक महेन्द्रसिंह चौहान एवं श्रीमती प्रवीणा पंकज अग्निहोत्री ने बताया कि रात्रि में किन्नर समाज की ओर से उनके महामंडलेश्वर सीतानंद गिरी तथा अन्य साथियों ने भी प्रभु श्रीराम के दरबार में पहुंचकर पूजा अर्चना की। समापन बेला में महापौर पुष्यमित्र भार्गव, प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष डॉ. निशांत खरे, भाजपा के नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, डॉ. माला ठाकुर, पूर्व विधायक गोपीकृष्ण नेमा, अनुभव दुबे, एमआईसी सदस्य बबलू शर्मा, पार्षद सतनाम सिंह खनूजा, पार्षद संदीप दुबे एवं शिखा दुबे, समाजसेवी हरीश विजयवर्गीय, श्रीमती सीमा सेन, विहिप के मालवा प्रान्त से आरती जायसवाल, शहर भाजपा उपाध्यक्ष दीपेन्द्र सिंह सोलंकी, आनंद पुरोहित, पूर्व पार्षद कंचन गिदवानी, भरत पारख, सूरज राठोर, प्रेम व्यास, हेमंत मालवीय, नवीन खंडेलवाल एवं सुमित तिवारी सहित बड़ी संख्या में शहर के रंगमंच कलाकारों, संतों महंतों एवं विद्वानों के सानिध्य में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केन्द्र बनी रही।
इस मौके पर संघ, विहिप, बजरंग दल एवं विद्यार्थी परिषद से जुड़े सभी स्तर के प्रतिनिधियों, स्वयं सेवकों एवं सनातन धर्म से जुड़े 21 समाजों के पदाधिकारियों ने भी जन्म आरती में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। रात डेढ़ बजे तक दशहरा मैदान पर भक्तों के आने जाने का सिलसिला जारी रहा। रात्रि में दमयन्ती भाटिया मिरदवाल एवं उनकी टीम ने रामायण की नृत्य नाटिका प्रस्तुत कर हजारों दर्शकों का मन मोह लिया। सभी विशिष्टजनों ने महाआरती में शामिल होकर राष्ट्र में सुख, शांति एवं समृद्धि के लिए प्रार्थना की। मेहमानों ने इस दिव्य और भव्य महोत्सव के लिए आयोजकों को बधाई एवं शुभकामनाएं भी व्यक्त की।
लक्ष्मीनारायण यज्ञ की पूर्णाहुति- महोत्सव के पूरे नौ दिनों में लगभग ढाई लाख भक्तों ने इस आयोजन का पुण्य लाभ उठाया। जन कल्याण, राष्ट्रहित, सुख-शांति और समृद्धि की मंगल कामना से किए गए लक्ष्मीनारायण महायज्ञ में जैसे ही आचार्य पं. अगस्त्य व्यास के निर्देशन में 16 हजार 108 वीं आहुति सम्पन्न हुई, समूचा दशहरा मैदान और अवध लोक परिसर यज्ञ देवता एवं भगवान श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। घंटे, घडियाल और शंख की मंगल ध्वनि ने समूचे वातावरण को श्रीराममय बनाए रखा। अतिथियों ने यज्ञशाला में पूर्णाहुति के बाद यज्ञाचार्यों का सम्मान भी किया। शुक्रवार को पूर्णाहुति के अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने नंगे पैर चलकर यज्ञशाला की परिक्रमा लगाई। सबको यज्ञशाला का प्रसाद भी भेंट किया गया जबकि शनिवार को सभी प्रतिमाओं का आचार्यों के साथ मेला संयोजक महेंद्रसिंह चौहान एवं प्रवीणा पंकज अग्निहोत्री ने विधि विधान से पार्थिव पूजन कर उनका विसर्जन किया।
कलाकारों का सम्मान- शुक्रवार संध्या को सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में दमयन्ती भाटिया मिरदवाल एवं उनकी टीम के कलाकारों ने रामायम पर आधारित नृत्य नाटिका प्रस्तुत कर सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध बनाए रखा। इन कलाकारों में 5 से 55 वर्ष आयु तक के कलाकारों ने अपने सधे हुए अभिनय से हजारों दर्शकों को पूरे समय बांधे रखा। कलाकारों को आयोजन के सूत्रधार महेंद्र सिंह चौहान एवं श्रीमती प्रवीणा पंकज अग्निहोत्री ने मेहमानों के साथ स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र भेंटकर सम्मानित किया।
