
कलेक्टर श्री शिवम वर्मा के निर्देशानुसार महिला बाल विकास विभाग की रेस्क्यू टीम द्वारा सरवटे बस स्टैंड एवं रेलवे स्टेशन पर भिक्षावृत्ति की जानकारी प्राप्त होते ही त्वरित कार्रवाई की गई। बताया गया कि सरवटे बस स्टैंड पर भिक्षावृत्ति करने वाले आठ लोगों को रेस्क्यू कर रेन बसेरा में आश्रय प्रदान किया गया। साथ ही दल ने रात्रि 12 बजे रेलवे स्टेशन तक अभियान चलाकर लगभग 14 भिक्षावृत्ति करने वाले लोगों को रेस्क्यू किया। साथ ही लगभग आठ लोगों को समझाइश देकर अपने मूल स्थानों पर भेजा गया। भिक्षावृत्ति में संलिप्त पाये गए लोगों में उज्जैन एवं देवास जिले के रहने वाले व्यक्ति थे। रेलवे पुलिस बल द्वारा बताया गया कि रेलवे स्टेशन में इन भिक्षुओं द्वारा लगातार भिक्षावृत्ति की जा रही थी और महीनों से यहां पर डेरा डालकर रह रहे थे। साथ ही कुछ भिक्षुकों द्वारा रात्रि में लगातार शराब पीकर हंगामा करने की शिकायतें रेलवे स्टेशन में लगातार आ रही थी।
महिला एवं बाल विकास के रेस्क्यू दल के नोडल अधिकारी ने बताया कि रेलवे स्टेशन एवं सरवटे बस स्टैंड में संयुक्त रूप से कार्रवाई की गई। जिसमें लगभग 25 से 30 सदस्य शामिल थे। यहां पर महिला एवं बाल विकास के साथ ही नगर निगम, श्रम विभाग, होमगार्ड विभाग, रेलवे पुलिस तथा एनजीओ के सदस्य शामिल थे।
कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि भिक्षावृत्ति में संलिप्त लोगों के विरूद्ध कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और ऐसे स्थल, जहां पर भिक्षुओं ने अपने अस्थाई निवास बना लिए हैं, उन क्षेत्रों में भी कार्रवाई की जाएगी।
महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी श्री रजनीश सिन्हा ने बताया कि ऐसे व्यक्ति जो कंबल या खाना बांट रहे हैं, वे सड़कों और रास्तों में वितरण करने की अपेक्षा रेन बसेरा एवं निराश्रित आश्रम, बाल आश्रम, वृद्धाश्रम में अपना सहयोग प्रदान करें। साथ ही जिला प्रशासन द्वारा चलाई जा रही इस मुहिम में सहयोग प्रदान करें
