लिंडा काम ने सीनियर विमेंस नेशनल फुटबाल चैंपियनशिप में छह मैचों में एक हैट्रिक के साथ 10 गोल किए जबकि स्पर्धा में कुल 22 गोल किए गए । राजमाता जीजाबाई ट्राफी के 30 संस्करणों में मणिपुर ने सर्वाधिक 24 खिताब अपने नाम किए। इस खिताब को दिलाने में की बड़ी भूमिका लिंडा काम की है। इस स्पर्धा में लीग से लेकर फायनल तक हरियाणा के साथ एक मैच को छोड़ दें तो लिंडा कॉम ने हर मैच में गोल किए।

लिंडा काम को महिला फुटबाल में भारत की सबसे होनहार खिलाड़ियों में एक है। लिंडा की उम्र अभी 20 वर्ष है और वह जितनी अच्छी खिलाड़ी हैं, उनकी सोच उससे एक कदम आगे है। उसका कहना है कि आज के समय में हर युवा को पढ़ाई के साथ किसी न किसी क्षेत्र में स्किल डेवलप करना चाहिए, ताकि आर्थिक रूप से अपने पैरों में खड़ा होने का सामर्थ्य दे सके।
लिंडा काम वर्ष 2022 में अंडर-17 विश्वकप में भारत के लिए खेल चुकी हैं और वे 2024 से लगातार भारत की सीनियर महिला फुटबाल टीम की सदस्य हैं।बाक्सिंग क्वीन मैरी कॉम की तरह एक और उभरता हुआ नाम लिंडा कॉम का है । विपक्षी टीम के खिलाड़ी कहते हैं उनके पैरों में वह जादू हैं गोल कीपर कि जरा-सी नजर चूकी और फुटबाल सीधे गोल पोस्ट में ।
