
संगीत की सुर एवं स्वरलहरियों के बीच की गई सुंदर एवं मनोहारी रचना
इंदौर, 30 अक्टूबर। विमानतल मार्ग स्थित अंजनि नगर के श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन पंचायती मंदिर पर चल रहे चातुर्मास के दौरान प.पू. गणिनी विमलप्रभा माताजी का पिच्छी परिवर्तन का आयोजन रविवार 9 नवम्बर को होगा, इसके पूर्व उनके सानिध्य में कार्तिक माह की अष्टान्हिका पर चौबीसी समवशरण विधान का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर प.पू. विजयप्रभा माताजी के मार्गदर्शन में सुंदर एवं मनोहारी विधान की रचना की गई।
मंदिर समिति के अध्यक्ष देवेन्द्र सोगानी एवं विधान संयोजक संजय मोदी, ऋषभ पाटनी एवं चन्द्रकुमार गोधा ने बताया कि विधान में चक्रवर्ती कमल-निर्मला वेद एवं सौधर्म इंद्र बाबूलाल जशकुमार मेंडा का चयन बोली के माध्यम से किया गया। शांति धारा देवेन्द्र-अर्चना सोगानी एवं चन्द्रकुमार गोधा द्वारा की गई। पं. योगेन्द्र काला एवं उनकी संगीतज्ञों की टीम ने प्रारंभ में विधान प्रांगण में श्रीजी को विराजित कर अपनी स्वर लहरियां बिखेरकर सबको आनंदित कर दिया। प्रचार मंत्री नितिन पाटोदी ने बताया कि अभिषेक शांति धारा के बाद विधान की मुख्य क्रियाएँ संपन्न हुई। अपने आशीर्वचन में प.पू. गणिनी विमलप्रभा माताजी ने समवशरण विधान की महिमा एवं पुण्यफलों का प्रभावी वर्णन किया। विधान में हेमंत-अनिता गदिया, दिलीप-मधुरिमा लुहाड़िया, अशोक तोंगिया एवं अन्य समाज बंधु शामिल हुए।
