नवरत्न नगरी पर 21 नवम्बर को अंतिम महामांगलिक के बाद गुमास्ता नगर के लिए बिदा लेंगे आचार्य प.पू. विश्वरत्न सागर म.सा.

इंदौर, । वीआईपी रोड, दलालबाग स्थित नवरत्न नगरी पर जैनाचार्य, युवा हृदय सम्राट प.पू. विश्वरत्न सागर म.सा. के पावन सानिध्य में गत 2 अक्टूबर से चल रहे उपधान तप का 3 दिवसीय मालारोपण महोत्सव बुधवार 19 नवम्बर से प्रारंभ होगा। गुरुवार 20 नवम्बर को सुबह 8.30 बजे उपधान तप में शामिल देशभर से आए 133 तपस्वियों का भव्याति भव्य वरघोडा पीपली बाजार उपाश्रय से प्रारंभ होकर बैंड-बाजों एवं सभी साधु-साध्वी-भगवंतों सहित दलाल बाग पहुंचेगा। शुक्रवार 21 नवम्बर को आचार्यश्री की निश्रा में इस चातुर्मासिक अनुष्ठान के अंतिम महामांगलिक के साथ मालारोपण का दिव्य आयोजन भी होगा। इसी दिन आचार्यश्री विश्वरत्न सागर म.सा. शाम 4 बजे दलाल बाग से गुमास्ता नगर स्थित नाकोड़ा जैन मंदिर के प्रतिष्ठा महोत्सव में पावन सानिध्य प्रदान करने हेतु ससंघ बिदाई लेंगे।
अर्बुद गिरिराज जैन श्वेताम्बर तपागच्छ उपाश्रय ट्रस्ट पीपली बाजार, समग्र जैन श्वेतांबर श्री संघ एवं जैन श्वेताम्बर मालवा महासंघ तथा नवरत्न परिवार के संयुक्त तत्वावधान में गत 2 अक्टूबर से दलाल बाग के विशाल परिसर में निर्मित गुरु नवरत्न वाटिका पर 47 दिनों की उपधान तपस्या का दिव्य आयोजन चल रहा है, जिसमें तीन चरणों में देश के विभिन्न राज्यों एवं शहरों से आए 133 तपस्वियों ने भाग लेकर जिन शासन के संयम, त्याग और साधना के मार्ग को समृद्ध बनाया है। इन तपस्वियों में 8 वर्ष के बालक-बालिकाओं सहित 80 वर्ष के वृद्धजन भी शामिल रहे। यहाँ इन्होंने 47 दिनों तक साधु-साध्वी-भगवंतों की तरह दिनचर्या अपनाकर कठिन साधना की है।
आयोजन समिति के संयोजक पुण्यपाल सुराना, कैलाश नाहर, ललित सी. जैन, मनीष सुराना, दिलसुखराज कटारिया, प्रीतेश ओस्तवाल, अंकित मारु, दिलीप मंडोवरा एवं दीपक सुराना ने बताया कि 19 नवम्बर को सुबह 9 बजे श्रीपार्श्वनाथ पंचकल्याणक पूजन के साथ उपधान तप उत्सव एवं मोक्षमाल महोत्सव का शुभारंभ पीपली बाजार उपाश्रय पर होगा। 20 नवम्बर को पीपली बाजार उपाश्रय में सुबह 7.30 बजे नवकारसी के बाद 8.30 बजे सभी तपस्वियों का वरघोडा प्रारंभ होकर नवरत्न नगरी दलाल बाग पहुंचेगा। यह भव्य वरघोडा अनेक आकर्षणों से सज्जित रहेगा। दलाल बाग पर दोपहर 12 बजे धर्मसभा, 1 बजे स्वामी वात्सल्य एवं शाम 7.30 बजे सभी तपस्वी एवं लाभार्थी बंधुओं का बहुमान होगा। मुख्य आयोजन 21 नवम्बर को होगा जिसमें सुबह 7.30 बजे नवकारसी के बाद 8 बजे से धूमधाम से मोक्षमाला परिधान आचार्यश्री की पावन निश्रा में प्रारंभ होगा जिसमें आनंद उत्सव के साथ तपस्वियों का स्वर्ण गिन्नी से शाही बहुमान किया जाएगा। उपधान तप के मुख्य लाभार्थी दिलसुखराज कटारिया एवं विनोद कुमार रतनलाल जैन परिवार तथा बहुमान के लाभार्थी संदीप-अमन व्होरा परिवार मनोनीत किए गए हैं।
आज आचार्यश्री को भावपूर्ण बिदाई – 21 नवम्बर को सुबह 10.30 बजे सकलश्रीसंघ के स्वामी वात्सल्य के बाद आचार्यश्री विश्वरत्न सागर म.सा. दोपहर 12 बजे से पाप-ताप-संताप को दूर करने वाले चमत्कारिक महामांगलिक का अनूठा उपहार प्रदान कर शाम 4 बजे दलाल बाग से गुमास्ता नगर के लिए विहार करेंगे। शहर के सभी प्रमुख जैन श्रीसंघों के पदाधिकारी एवं अन्य गणमान्य अतिथि आचार्यश्री को भावपूर्ण बिदाई देंगे।
