अहिल्या माता गोशाला पर गोपाष्टमी 30 को, गो भक्त घरों से लेकर
आएंगे लड्डू गोपाल , लगेगा छप्पन भोग, मशीनों से होगा ओरा टेस्ट
सुबह से दोपहर 2 बजे तक होगा पूजन, गो-गोपाल मिलन एवं वैद्यों के निर्देशन में गर्भ संस्कार जैसे कार्यक्रम भी होंगे
इंदौर, 23 अक्टूबर। केशरबाग रोड़ स्थित प्राचीन अहिल्या माता गौशाला पर गुरुवार, 30 अक्टूबर को सुबह 7.30 से दोपहर 2 बजे तक गोपाष्टमी के उपलक्ष्य में गोमाता पूजन, गो-गोपाल मिलन, गोमाता के अन्नकूट सहित विभिन्न कार्यक्रम होंगे। इस अवसर पर गोशाला आने वाले गो भक्तों को गोशाला में ही उपजे आंवला का निशुल्क वितरण भी किया जाएगा और आधुनिक मशीन से आभा मंडल टेस्टिग सहित गर्भवती माताओं के गर्भस्थ शिशु में श्रेष्ठ संस्कारों के लिए विशेषज्ञ वैद्यों द्वारा गर्भ संस्कार जैसे कार्यक्रम भी होंगे। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी श्रद्धालु अपने साथ घर के लड्डू गोपाल को लेकर गोशाला आएंगे और गो माता से मिलन एवं परिक्रमा का पुण्य लाभ उठाएंगे।
गोशाला प्रबंध समिति के अध्यक्ष राधेश्याम गुरूजी, मंत्री पुष्पेन्द्र धनोतिया एवं संयोजक सी.के. अग्रवाल ने बताया कि गोपाष्टमी पर आधुनिक मशीन से ओरा टेस्टिंग, गर्भ संस्कार, बच्चों के लिए मिट्टी के बर्तन बनाने की कार्यशाला तथा प्राचीन कांसा चिकित्सा पद्धाति द्वारा असाध्य रोगों के उपचार और गोशाला स्थित सप्त गोमाता मंदिर में गोमाता की जीवंत झांकी, तर्पण-अर्पण के लिए चमत्कारिक त्रिवेणी वृक्ष, श्रेष्ठ गुणवत्ता की जैविक खाद, जीव दया की सेवा के लिए पक्षी तीर्थ, गोमाता से जुड़े विशेष पर्वों पर पूजा एवं गोदान के लिए पूजन सामग्री एवं पंडित की निशुल्क व्यवस्था, आयुर्वेद चिकित्सकों के सानिध्य में गर्भधारण परामर्श एवं कार्यशाला सहित विभिन्न आयोजन भी होंगे। पूजन के लिए समुचित सामग्री की सम्पूर्ण व्यवस्था गोशाला में निशुल्क उपलब्ध रहेगी।
उन्होंने बताया कि गोपाष्टमी पर आम गो भक्तों के लिए गोशाला आने पर पूजन सामग्री एवं विद्वान पंडितों की निशुल्क व्यवस्था रहेगी। सबसे बड़ा आकर्षण तो यह होगा कि अपने घर की पूजा में विराजमान लड्डू गोपाल को साथ लाकर गोमाता से मिलन एवं परिक्रमा करा सकेंगे। गो भक्तों से यह आग्रह भी किया गया है कि वे गो माता की नित्य उपयोग में आने वाली खाद्य वस्तुओं को गोशाला लाकर अन्नकूट जैसा उत्सव भी मनाएं। गोशाला प्रांगण में इस उत्सव के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है। गोपाष्टमी का पर्व भगवान कृष्ण और गायों को समर्पित है। इस दिन गोमाता के साथ भगवान कृष्ण और राधाजी की भी पूजा की जाती है। यह परंपरा द्वापर युग से चली आ रही है। इंदौर में अहिल्यामाता गो शाला पर पिछले कई वर्षों से गोपाष्टमी पर विभिन्न आयोजन किए जा रहे हैं।
