
अन्नपूर्णा स्थित पूर्वांचल महासंघ के 300 परिवार शामिल हुए डूबते सूरज
को अर्ध्य देने में, 61 महिलाओं ने गोबर एवं मिटटी से बेदी बनाकर की पूजा
सूर्य देव के साथ प्रकृति से की परिवार, समाज, शहर और देश में सुख-शांति एवं समृद्धि की प्रार्थना
इंदौर, 27 अक्टूबर। पूर्वांचल महासंघ अन्नपूर्णा क्षेत्र की मेजबानी में सोमवार को उत्तरप्रदेश एवं बिहार मूल के परिवारों ने अन्नपूर्णा तालाब पहुंचकर डूबते हुए सूर्य को अर्ध्य देकर परिवार, समाज, शहर और देश में सुख-शांति एवं समृद्धि की प्रार्थना की। तालाब पर आज व्रतधारी महिलाओं ने गोबर एवं मिटटी से 61 बेदी बनाकर उनकी पूजा-अर्चना भी की और फलों का भोग भी समर्पित किया। व्रतधारी महिलाओं के साथ उनके परिजनों ने भी अन्नपूर्णा तालाब पर बनाए गए अस्थायी कुंडों में कमर तक पानी में खड़े रहकर सूर्य को अर्ध्य दिया। अनेक व्रतधारी लोगों ने स्नान भी किया। मंगलवार को उगते हुए सूर्य को अर्ध्य देकर प्रकृति की पूजा के साथ बेटे एवं पति की लंबी आयु की प्रार्थना भी करेंगे।
पूर्वांचल महासंघ अन्नपूर्णा क्षेत्र के अध्यक्ष सुधाकर दुबे ने बताया कि डूबते हुए सूर्य को अर्ध्य देने हेतु तालाब पर रविवार को ही गंगा, यमुना, नर्मदा, सरस्वती एवं प्रमुख नदियों के नाम पर घाट का निर्माण कर लिया गया था। संध्या को 61 महिलाओं ने गाय के गोबर एवं मिटटी से अपनी परम्परा के अनुरूप बेदी का निर्माण कर उसकी पूजा अर्चना के पश्चात सूर्य देवता को अस्ताचल स्थिति में अर्ध्य प्रदान किया। इस दौरान अनेक व्रतधारी महिलाओं ने अस्थ्यी कुंडों में कमर तक पानी में खड़े रहकर सूर्य देव की पूजा अर्चना कर सबके कल्याण की प्रार्थना की।
उल्लेखनीय है कि अन्नपूर्णा क्षेत्र में सूर्यदेव नगर, वैशाली नगर, देवेन्द्र नगर, गायत्री नगर, बृज विहार, गोपुर, सत्यदेव नगर, स्कीम 71 सहित क्षेत्र में करीब 300 परिवार पूर्वांचल से आकर निवास कर रहे हैं। दुबे ने बताया कि सभी व्रतधारी महिलाओं ने आज भी उपवास रखा। उनके अनेक परिजनों ने भी निराहार और निर्जला रहकर सूर्य देव की पूजा अर्चना की। मंगलवार की सुबह 6 बजे उगते हुए सूरज को पानी के कुंड में खड़ी सुहागन महिलाओं द्वारा अर्ध्य देकर अपने बेटे और पति की लंबी उम्र की कामना के साथ ही शहर और देश में सुख-शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की जाएगी।
