सांसद शंकर लालवानी ने बताया कि आगामी सिंहस्थ में यात्रियों के बढ़ते दबाव को देखते हुए इंदौर उज्जैन और आसपास के स्टेशनों से 300 से अधिक ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। इसके लिए रेलवे ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इंदौर और उज्जैन के बीच शटल सेवा के रूप में वंदे भारत मेट्रो चलाई जाएगी। वंदे भारत मेट्रो वर्तमान रेलवे ट्रैक पर ही चलेगी। आमतौर पर मेट्रो के लिए अलग ट्रैक की जरूरत होती है, लेकिन इस सेवा के लिए नया ट्रैक बिछाने की आवश्यकता नहीं होगी।
-2028 को देखते हुए लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन फरवरी महीने बनकर तैयार हो जाएगा। रेलवे स्टेशन को लगभग 55 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया जा रहा है। इसमें स्टेशन में 45 करोड़ और फुट ओवरब्रिज में लगभग 10 करोड़ रुपए का खर्च आएगा।
सांसद शंकर लालवनी ने बताया कि इंदौर रेलवे स्टेशन में भी विकास कार्य तेजी से चल रहा है। ऐसे में दूसरी नई ट्रेनों के लिए लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन में स्टॉपेज दिया जाएगा। यहां पर दूसरे विकसित स्टेशनों की तरह एक्सीलेटर लिफ्ट और जनता की अन्य सुविधाएं भी रहेगी । रेलवे अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में सिग्नल सिस्टम के स्थानांतरण, ट्रैक पर पटरियां और भवन तोड़ने का काम अंतिम चरण में है। रेलवे स्टेशन पूरी तरीके से फरवरी में शुरु हो जाएगा। प्लेटफॉर्मों की लंबाई भी बढ़ाई जाएगी। ताकि ट्रेनों का ठहराव सुविधाजनक हो सके।
