बाहर से आने वाले हजारों भक्तों की सुविधा के लिए समुचित व्यवस्थाएं

इंदौर, । अन्नपूर्णा मंदिर परिसर पर 40 हजार वर्गफीट मैदान में निर्मित पंडाल में होने वाली भागवत कथा का शुभारंभ गुरुवार 6 नवंबर को सुबह 10 बजे मंदिर परिसर में कलश यात्रा के साथ होगा। कथा के लिए भव्य पांडाल का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। यहाँ 12 नवंबर तक मालव माटी के सपूत, माँ सरस्वती के वरद पुत्र और प्रदेश में 200 से अधिक गौशालाओं के संचालक संत कमलकिशोर नागर के सुपुत्र और प्रख्यात भागवत मर्मज्ञ संत प्रभुजी नागर के श्रीमुख से प्रतिदिन दोपहर 12 से 3 बजे तक भागवत कथामृत की वर्षा होगी। यातायात व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कलश यात्रा मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार से प्रारंभ होकर परिसर में निर्मित पंडाल तक ही निकाली जाएगी। आश्रम के महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंद गिरि एवं स्वामी जयेंद्रानंद गिरि के मार्गदर्शन में कथा के लिए व्यापक तैयारियां अंतिम दौर में पहुँच गई हैं।
कथा के मुख्य आयोजक एवंम आल इंडिया दालमिल एसो. के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने बताया कि पं. प्रभुजी नागर लंबे अन्तराल के बाद अन्नपूर्णा मंदिर परिसर में इंदौर एवं मालवा अंचल के भक्तों को भागवत कथामृत के माध्यम से जीवन को सँवारने के महामन्त्र बताएँगे। पूर्व महापौर कृष्णमुरारी मोघे के मार्गदर्शन में आयोजन से जुड़े शहर के गणमान्य नागरिकों की बैठक आज भी कथा पंडाल पर आयोजित की गई, जिसमें सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है। इस दिव्य आयोजन के लिए विभिन्न समितियों का गठन भी किया गया है, जिनमें मंच व्यवस्था के लिए राजेश अग्रवाल, दिनेश बंसल पंप एवं गोपाल गोयल, पार्किंग व्यवस्था के लिए मदन प्रजापत, शुद्ध पेयजल व्यवस्था के लिए संजय कटारिया, सफाई व्यवस्था के लिए राहुल अग्रवाल, सुरक्षा व्यवस्था के लिए अशोक जैन एवं प्रचार व्यवस्था हेतु जेपी मूलचंदानी एवं संजय कटारिया को संयोजक मनोनीत किया गया है। पाटीदार समाज के वरिष्ठ सुखदेव पाटीदार ने भी कथा स्थल पर आयोजित तैयारियों की बैठक में भाग लिया।
कथा का शुभारंभ गुरुवार को सुबह 10 बजे मन्दिर परिसर में कलश यात्रा के साथ होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिलाऐं परंपरागत परिधान में मस्तक पर कलश धारण कर शामिल होंगी। कथा पांडाल में महिला-पुरुषों के लिए प्रथक बैठक व्यवस्था रहेगी। बुजुर्ग और कमजोर लोगों के लिए कुर्सी की व्यवस्था भी की जा रही है। बड़ी संख्या में यहाँ बाहर से आने वाले अनुमानित 15 से 20 हजार भक्तों के लिए पांडाल में बैठक की व्यवस्था की गई है। बैठक में समाजसेवी रामबाबू अग्रवाल, एमआईसी सदस्य निरंजन सिंह चौहान गुड्डू, दिनेश बंसल पंप, काँटाफोड़ मंदिर के हेमन्त गर्ग, पूर्व पार्षद ज्योति तोमर, राजेंद्र जायसवाल एवं शहर के अनेक गणमान्य नागरिक भी मौजूद थे। कथा व्यास प्रभुजी नागर संध्या को इंदौर पहुँच गए हैं, वे सुबह निकलने वाली कलश यात्रा में भी शामिल होकर भक्तों को आशीर्वचन देंगे।
