
इंदौर, । आद्य गौड़ ब्राह्मण सेवा न्यास के तत्वावधान में अन्नकूट महोत्सव ‘तेरा तुझको अर्पण’ का आयोजन राजीव गांधी चौराहा स्थित शुभ कारज गार्डन पर अम्बिकापुरी खाटू वश्याम धाम के महामंडलेश्वर स्वामी रामगोपालदास महाराज, गजासीन शनि मंदिर वके महामंडलेश्वर दादू महाराज एवं अन्य संतों के सानिध्य में राम मंदिर, सालासर दरबार, भगवती पराम्बा एवं पूज्य ‘भगवन’ की सजीव झांकियों को 56 भोग समर्पण, कन्या पूजन एवं 108 दीपों से महाआरती के बीच किया गया। देर रात तक करीब 8 हजार बंधुओं ने महाप्रसादी का पुण्य लाभ उठाया।
न्यास के अध्यक्ष पं. दिनेश शर्मा, महामंत्री सुरेश काका एवं राजकिशोर शर्मा ने बताया कि प्रारंभ में श्री श्रीविद्याधाम के 51 विद्वानों एवं यजमान युगलों द्वारा पूजन – अर्चन के बाद न्यास की ओर से सभी पदाधिकारियों ने सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक गोलू शुक्ला, पूर्व विधायक संजय शुक्ला, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता दीपक जैन टीनू, भाजपा उपाध्यक्ष दीपेन्द्र सिंह सोलंकी, हृदयेश दीक्षित सहित विभिन्न अतिथियों का इत्र और फूलों से स्वागत किया। महाआरती में पं. सुरेश शर्मा, पं. राजेंद्र शर्मा, पं. अजय व्यास, पं. लोकेश जोशी, पं. अखिलेश शर्मा, पं. सुमन शर्मा, पं ओमप्रकाश शर्मा, चिन्मय शर्मा, हेमंत शर्मा, उपेन्द्र शर्मा, पं. आशीष शर्मा, दिलीप कांगा, मनोज शर्मा, स्वागत शर्मा, अमित नायक, आशीष मिश्रा, बद्री शर्मा एवं मयंक तिवारी आदि सपरिवार शामिल हुए l
मातृशक्ति प्रकोष्ठ की ओर से श्रीमती सरस्वती शर्मा, श्रीमती भारती शर्मा, साधना शर्मा, पिंकी शर्मा, गीता व्यास, प्रियंका शर्मा, रश्मि शर्मा, प्रीति शर्मा, दीपा शर्मा, रूपाली शर्मा, शीतल शर्मा सहित अनेक बहनों ने महोत्सव की व्यवस्थाओं को संभाला। सम्पूर्ण परिसर को मनोहारी श्रृंगार से आच्छादित किया गया था। दशविद्या सहित विराजित माँ पराम्बा के साथ सालासर हनुमानजी और भगवान परशुराम जी के विग्रह के साथ ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर स्वामी गिरिजानंद सरस्वती ‘भगवन’ का आदमकद चित्र भी हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी लगाया गया था।
सभी अतिथियों का स्वागत विशेष माला पहनाकर किया गया। महिला-पुरुष परंपरागत परिधान में सज-धजकर आए थे। इस अन्नकूट महोत्सव की विशेषता यह भी रही कि आठ हजार से अधिक मेहमानों को परोसगारी की व्यवस्था पूरी तरह से समाज के युवा एवं मातृशक्तियों ने बखूबी संभाली। स्नेहभोज में एक समय में चार सौ मेहमानों के लिए बैठकर तथा स्वरुचि भोज में 2500 मेहमानों के लिए भोजन की व्यवस्था रखी गई थी। शहर के लगभग सभी संगठनों के आठ हजार से अधिक बंधुओं ने सपरिवार इस महोत्सव का पुण्य लाभ उठाया। न्यास की मातृशक्ति, मीरा-मोहन, ज्ञान-गंगा, संस्कृति एवं आरोग्य प्रकोष्ठ के सदस्यों ने भी पूरे समय व्यवस्थाएं संभाली। देर रात तक भक्ति भाव के साथ महाप्रसादी का क्रम चलता रहा।
